मध्य पूर्व में भयंकर युद्ध: ईरान पर अमेरिका-इज़राइल के हमले, खामेनेई की मौत के बाद अराफी पर भी संकट

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तेहरान में हाहाकार मचा हुआ है। अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी है, जिसका मकसद ईरानी शासन को कमजोर करना और संभवतः बदलाव लाना बताया जा रहा है। इस युद्ध की शुरुआत में ही ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई, जो 1989 से देश की कमान संभाल रहे थे। खामेनेई की मौत अमेरिका-इज़राइल के संयुक्त हमलों में हुई, जिसमें कई अन्य वरिष्ठ ईरानी अधिकारी और सैन्य कमांडर भी मारे गए। ईरानी राज्य मीडिया ने उनकी मौत की पुष्टि की है, और देश में 40 दिनों का शोक घोषित किया गया है।

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इस हमले के जवाब में ईरान ने पूरे मध्य पूर्व में जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। ईरान ने इज़राइल के अलावा बहरीन, कुवैत, कतर, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), ओमान, जॉर्डन, सऊदी अरब और इराक में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। इन हमलों से इन देशों में भारी जान-माल का नुकसान हुआ है। कई जगहों पर ऊर्जा सुविधाएं, हवाई अड्डे और सैन्य अड्डे प्रभावित हुए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन जवाबी हमलों में कम से कम तीन अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं, जबकि कई घायल हुए हैं। ईरान के हमलों ने खाड़ी क्षेत्र में तेल उत्पादन और शिपिंग को भी प्रभावित किया है, जिससे वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में उछाल आया है।


खामेनेई की मौत के बाद ईरान में नेतृत्व का संकट पैदा हो गया। संविधान के अनुसार, एक अंतरिम परिषद का गठन किया गया, जिसमें राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान, न्यायाधीश गोलामहुसैन मोहसिनी-एजेई और आयातुल्लाह अलीरेजा अराफी शामिल हैं। अराफी को अंतरिम सुप्रीम लीडर के रूप में देखा जा रहा था, लेकिन अब उनके बारे में चिंताजनक खबरें आ रही हैं। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइक फ्लिन ने दावा किया है कि अमेरिकी-इज़राइली हमलों में अराफी का भी खात्मा हो गया है। फ्लिन के अनुसार, पदभार संभालने के कुछ ही घंटों बाद नई स्ट्राइक में उनकी मौत हो गई। हालांकि, इस दावे की अभी तक ईरान की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह खबर तेजी से फैल रही है, लेकिन स्वतंत्र स्रोतों से इसकी पुष्टि नहीं हुई है।


यह युद्ध मध्य पूर्व की स्थिरता के लिए बड़ा खतरा बन गया है। ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स ने बदला लेने की कसम खाई है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ऑपरेशन कुछ हफ्तों तक चल सकता है और इसमें और अमेरिकी हताहत हो सकते हैं। खाड़ी देशों ने ईरान के हमलों की निंदा की है और खुद की रक्षा के लिए एकजुट होने की बात कही है। वैश्विक स्तर पर चिंता है कि यह संघर्ष और व्यापक युद्ध में बदल सकता है, जिसका असर तेल की कीमतों, वैश्विक अर्थव्यवस्था और क्षेत्रीय सुरक्षा पर पड़ रहा है। ईरान में हजारों लोग शोक मनाने सड़कों पर उतरे हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय शांति की अपील कर रहा है। स्थिति अभी भी अत्यंत तनावपूर्ण बनी हुई है, और आने वाले दिनों में और घटनाक्रम सामने आ सकते हैं।


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