उत्तर प्रदेश ऑटो लोडर संयुक्त कल्याण समिति ने दी विशाल धरना प्रदर्शन की चेतावनी, व्यापार ठप होने का खतरा

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रिपोर्ट : दीपक कुमार – कानपुर

कानपुर : उत्तर प्रदेश ऑटो लोडर संयुक्त कल्याण समिति ने गुरुवार को एक प्रेस वार्ता आयोजित कर ईको गार्डन में विशाल धरना प्रदर्शन की घोषणा की। समिति ने परिवहन विभाग की नीतियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। समिति का कहना है कि पिछले वर्ष सितंबर-अक्टूबर में परिवहन आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर मोटर वाहन अधिनियम 2020 को हटाने या 1988 के अधिनियम को लागू करने की मांग की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।


प्रदेश अध्यक्ष राजीव जायसवाल ने प्रेस वार्ता में कहा, “कानपुर उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र है, जहां सबसे अधिक माल का आवागमन होता है। परिवहन विभाग और आरटीओ की नीतियों के कारण ऑटो लोडर व्यापारियों को लगातार परेशान किया जा रहा है। यदि यह सिलसिला जारी रहा, तो व्यापार ठप हो सकता है, जिसका सीधा असर प्रदेश की अर्थव्यवस्था और सरकार की चुनावी संभावनाओं पर पड़ेगा।”



समिति ने मांग की है कि मोटर वाहन अधिनियम 2020 को तत्काल हटाया जाए या 1988 का अधिनियम लागू किया जाए। इसके लिए समिति जल्द ही ईको गार्डन में धरना-प्रदर्शन आयोजित कर अपनी मांगों को लेकर सरकार को ज्ञापन सौंपेगी। जायसवाल ने चेतावनी दी कि यदि इस बार भी उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो समिति अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिए बाध्य होगी।


प्रदर्शन की पृष्ठभूमि

उत्तर प्रदेश ऑटो लोडर संयुक्त कल्याण समिति का आरोप है कि मोटर वाहन अधिनियम 2020 के तहत लागू किए गए कड़े नियमों और आरटीओ की कार्रवाइयों ने ऑटो लोडर व्यापारियों का जीना मुहाल कर दिया है। समिति का कहना है कि ये नियम छोटे और मझोले व्यापारियों के लिए व्यवहारिक नहीं हैं और इससे उनका व्यवसाय घाटे में जा रहा है।


कैसी होगी आगे की रणनीति ?

समिति ने स्पष्ट किया कि धरना-प्रदर्शन के माध्यम से वे अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे। यदि सरकार ने उनकी मांगों को अनसुना किया, तो वे पूरे प्रदेश में व्यापारियों को एकजुट कर हड़ताल करेंगे। इस कदम से कानपुर के औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों पर गहरा असर पड़ सकता है।

राजीव जायसवाल ने कहा, “हम सरकार को चेतावनी देना चाहते हैं कि कानपुर का व्यापारिक महत्व नजरअंदाज न किया जाए। आरटीओ की मनमानी और अव्यवहारिक नियमों के कारण व्यापारी परेशान हैं। हम शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे हैं, लेकिन अगर सुनवाई नहीं हुई, तो हम अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिए मजबूर होंगे।” यह धरना प्रदर्शन कानपुर के व्यापारिक समुदाय और सरकार के बीच तनाव को और बढ़ा सकता है। समिति की इस चेतावनी के बाद अब सबकी नजरें सरकार और परिवहन विभाग के अगले कदम पर टिकी हैं।


 

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