श्रीराम की प्रतिमा और भगवा वस्त्र के कथित अपमान पर धार्मिक संगठनों का बड़ा आंदोलन, पप्पू यादव के विरोध में सड़कों पर उतरी विश्व हिंदू परिषद, देशभर में शुरू हुआ ‘बुद्धि शुद्धि’ कार्यक्रम

Time to write @

- Advertisement -

 

गोरखपुर : संसद परिसर में पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव के विरोध प्रदर्शन का मामला अब राजनीतिक गलियारों से निकलकर धार्मिक संगठनों तक पहुंच गया है। विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) और बजरंग दल ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। संगठन ने इसे ‘बुद्धि शुद्धि’ कार्यक्रम का नाम दिया है और आरोप लगाया है कि संसद परिसर में हुए प्रदर्शन के दौरान भगवान श्रीराम की प्रतिमा और भगवा वस्त्र का अपमान किया गया।

विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों का कहना है कि संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन के दौरान पप्पू यादव ने भगवा वस्त्र धारण किए और भगवान श्रीराम की प्रतिमा का ऐसा उपयोग किया, जिससे करोड़ों सनातन धर्मावलंबियों की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। संगठन का आरोप है कि यह केवल एक राजनीतिक प्रदर्शन नहीं था, बल्कि सनातन परंपरा और हिंदू आस्था के प्रतीकों का अनादर था। वीएचपी का स्पष्ट रुख है कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार हर नागरिक और जनप्रतिनिधि को है, लेकिन यह अधिकार किसी भी धर्म, देवी-देवता या धार्मिक प्रतीकों के अपमान का अधिकार नहीं देता।

विश्व हिंदू परिषद का कहना है कि भगवान श्रीराम केवल एक धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था, संस्कृति, मर्यादा और भारतीय सभ्यता के मूल आधार हैं। ऐसे में उनके सम्मान के साथ किसी भी प्रकार की कथित छेड़छाड़ या अपमान को हिंदू समाज स्वीकार नहीं करेगा। संगठन के नेताओं ने जोर देकर कहा कि पप्पू यादव स्वयं हिंदू परिवार में जन्मे हैं, इसलिए उन्हें सनातन परंपरा और धार्मिक प्रतीकों के सम्मान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। यदि किसी भी नेता या जनप्रतिनिधि के कार्य से समाज की धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं, तो उसका लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध किया जाएगा।

इन्हीं आरोपों के विरोध में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने देश के विभिन्न राज्यों और शहरों में ‘बुद्धि शुद्धि’ कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी के प्रति व्यक्तिगत दुर्भावना रखना नहीं है, बल्कि समाज को यह संदेश देना है कि विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन किसी भी धर्म, देवी-देवता, धार्मिक प्रतीकों या आस्था का अपमान नहीं होना चाहिए। गोरखपुर सहित कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर अपनी बात रखी और सनातन मूल्यों की रक्षा का आह्वान किया।

नागेंद्र, प्रांत मंत्री, विश्व हिंदू परिषद ने इस संबंध में कहा कि संगठन का यह कार्यक्रम किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि उन कृत्यों के खिलाफ है जो हिंदू समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म की मर्यादा हर हाल में बनाए रखनी होगी और कोई भी जनप्रतिनिधि इस मर्यादा का उल्लंघन नहीं कर सकता।

वीएचपी और बजरंग दल के इस अभियान ने राजनीतिक और सामाजिक चर्चाओं को नया मोड़ दिया है। संगठन का दावा है कि देशभर में इस कार्यक्रम को व्यापक समर्थन मिल रहा है और आने वाले दिनों में इसे और विस्तार दिया जाएगा। कार्यकर्ताओं का मानना है कि लोकतंत्र की मजबूती तभी संभव है जब हर धर्म और आस्था का समान सम्मान हो। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर राजनीतिक विरोध और धार्मिक संवेदनशीलता के बीच संतुलन बनाए रखने की जरूरत को रेखांकित किया है।

संगठन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उनका संघर्ष शांतिपूर्ण रहेगा और वे कानूनी-संवैधानिक दायरे में रहकर ही अपनी बात रखेंगे। साथ ही उन्होंने सभी राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे धार्मिक प्रतीकों का उपयोग सावधानीपूर्वक करें, ताकि किसी भी वर्ग की भावनाएं आहत न हों। गोरखपुर से लेकर देश के अन्य हिस्सों में जारी इस ‘बुद्धि शुद्धि’ अभियान ने दिखा दिया है कि धार्मिक संगठनों की सक्रियता अब केवल मंदिर-मस्जिद तक सीमित नहीं, बल्कि राजनीतिक घटनाक्रमों पर भी नजर रख रही है।

अन्य भाषा में पढ़े :

अन्य खबरें

Anurag Srivastava
Anurag Srivastavahttps://indianews24x7.com/author/anurag-srivastava/
खबरों की दुनिया में अनुराग श्रीवास्तव का सफर 2009 से शुरू हुआ था, जो अभी भी जारी है। पत्रकारिता जगत में कानपुर संवाद समाचार पत्र से सफ़र शुरू करते हुए, स्टार न्यूज़, वॉइस ऑफ़ इंडिया, सी न्यूज़, सहारा समय, बंसल न्यूज़, इंडिया टीवी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में बीते 16 साल से क्राइम, राजनितिक, एंटरटेनमेंट, एजुकेशन से जुडी हर छोटे-बड़े विषयों की ख़बर पर पकड़ रखते हैं। अनुराग श्रीवास्तव फिलहाल इंडिया न्यूज़ 24x7 .कॉम में बतौर एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। खाली समय में क्रिकेट खेलने, घूमने, फिल्‍में/वेब सीरीज, न्यूज़ चैनल देखने और किताबें पढ़ने का शौक रखते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related articles

23 स्कूल, 46 युवा वक्ता और एक बड़ा सवाल: दून इंटरनेशनल स्कूल में गूंजी ‘शिक्षा बनाम रोजगार’ पर दमदार बहस

■ कानपुर के रतन लाल नगर में स्थित दून इंटरनेशनल स्कूल में युवा वक्ताओं ने प्रतियोगिता के दौरान...

CBSE में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, चेयरमैन-सचिव का तबादला, OSM टेंडर की होगी जांच

नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) में हाल ही में हुए बड़े प्रशासनिक बदलाव ने शिक्षा जगत...