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नेओहेल्थ परियोजना: जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज कानपुर में स्वास्थ्य सेवाओं में स्थापित होगी क्रांति,  मेडेंट्रिक कंपनी की साझेदारी से स्वास्थ्य सेवाओं में होगी नए युग की शुरुआत ।

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रिपोर्ट : अल्का राजपूत – कानपुर

■ नेओहेल्थ परियोजना: कानपुर में स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी नई दिशा ।

कानपुर, उत्तर प्रदेश – जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज कानपुर और मेडेंट्रिक कंपनी ने मिलकर एक महत्वपूर्ण और अभिनव परियोजना “नेओहेल्थ” की शुरुआत की है। इस परियोजना के अंतर्गत एक स्मार्ट व्रिस्ट बैंड विकसित किया जा रहा है, जो दो माह से कम उम्र के बच्चे में अगर पीएसबीआई के लक्षण है उनको जल्दी पहचान कर मदद करेगा (PSBI) के लक्षणों और संकेतों को डिजिटल रूप में पहचानने में मदद करेगा। इस तकनीकी परियोजना को DST के अंतर्गत द्वारा 7 लाख रुपये की निधि स्वीकृत की गई है। इस व्रिस्ट बैंड के माध्यम से, चिकित्सकों को मरीजों के PSBI लक्षणों की पहचान में मदद मिलेगी, जिससे समय पर उपचार और दवा प्रदान की जा सकेगी। इस स्मार्ट बैंड की तकनीकी संरचना को इस प्रकार से डिजाइन किया जा रहा है कि यह मरीज के शरीर के विभिन्न संकेतों का निगरानी करेगा और डिजिटल रूप में डाटा एकत्रित करेगा, जिससे स्थिति की गंभीरता को सही समय पर पहचाना जा सके।


जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज कानपुर के प्रमुख, डॉ. यशवंत कुमार राव, ने कहा, “यह परियोजना हमारे कॉलेज और क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। हम इस साझेदारी के माध्यम से न केवल स्थानीय समुदाय बल्कि समग्र स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली में सुधार की दिशा में भी कार्य कर रहे हैं। यह तकनीकी नवाचार हमे बेहतर उपचार प्रदान करने में मदद करेगा।”

मेडेंट्रिक कंपनी के CEO, श्री प्रियरंजन तिवारी ने बताया, “हमारे लिए यह गर्व की बात है कि हम इस महत्वपूर्ण परियोजना का हिस्सा हैं। इस तकनीकी समाधान के जरिए हम PSBI जैसी गंभीर स्थितियों का समय पर निदान करने में सक्षम होंगे, जो लोगों की जान बचाने में सहायक हो सकता है।” विभागाध्यक्ष डॉ आर्य ने बताया कि जिन लक्षणों को माँ नहीं पहचान पाती है उसको ये डिवाइस जल्दी बता देगा, प्रधानाचार्य डॉ काला के मार्गदर्शन में ये स्टार्टअप शुरु किया जा रहा है । यह परियोजना स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली में तकनीकी सुधार के महत्वपूर्ण कदम के रूप में कार्य करेगी और उम्मीद की जा रही है कि इसका व्यापक प्रभाव न केवल भारत में, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी पड़ेगा।


 

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