ANJALI ARORA KANPUR NEWS : सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अंजलि अरोड़ा के कानपुर में आयोजित ‘नगाड़ा नाइट’ डांडिया कार्यक्रम को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पुलिस तक पहुंच गया है। कार्यक्रम के आयोजक अनुभव राज और आशीष गुप्ता ने अंजलि अरोड़ा और उनकी मैनेजर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आयोजक पक्ष के लोग स्वरूप नगर थाने पहुंचे और FIR दर्ज करने की मांग को लेकर पुलिस को प्रार्थना पत्र सौंपा। आयोजकों ने अंजलि और उनकी टीम पर वादाखिलाफी, धोखाधड़ी और तय शर्तों के मुताबिक कार्यक्रम नहीं करने के आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि कार्यक्रम में लाखों रुपये खर्च करने और करीब एक महीने तक प्रचार-प्रसार करने के बावजूद उन्हें अपेक्षित परिणाम नहीं मिला। आयोजकों ने इस पूरे घटनाक्रम से 15 से 20 लाख रुपये तक का नुकसान होने की बात कही है। साथ ही भुगतान की गई रकम वापस कराने, अंजलि अरोड़ा से सोशल मीडिया पर माफी मंगवाने और जरूरत पड़ने पर अदालत का दरवाजा खटखटाने की बात कही है। विवाद की वजह वही ‘कच्चा बादाम’ गाना बना, जिसने अंजलि अरोड़ा को सोशल मीडिया पर पहचान दिलाई थी। आयोजकों का आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान यह गाना बजते ही अंजलि नाराज हो गईं और कुछ ही देर में मंच छोड़कर चली गईं। इसके बाद उन्होंने आयोजन और मैनेजमेंट की व्यवस्था पर सवाल उठाए थे। अब आयोजकों ने भी सामने आकर अपनी बात रखी है। उनका कहना है कि अगर गाने को लेकर कोई आपत्ति थी, तो बातचीत करके उसका समाधान निकाला जा सकता था। महज कुछ सेकंड गाना बजने के बाद कार्यक्रम छोड़कर चले जाना उचित नहीं था। हालांकि, इस मामले में फिलहाल आयोजकों की ओर से लगाए गए आरोप सामने आए हैं। अंजलि अरोड़ा और उनकी टीम का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की दूसरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
जिस गाने से मिली पहचान, उसी के बजने पर क्यों हुआ विवाद?
आयोजक आशीष गुप्ता के मुताबिक, 15 अक्टूबर को कानपुर के मोतीझील स्थित लाजपत भवन लॉन में ‘नगाड़ा नाइट’ डांडिया कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें अंजलि अरोड़ा को विशेष अतिथि और मुख्य परफॉर्मर के तौर पर बुलाया गया था। आयोजकों को उम्मीद थी कि अंजलि की लोकप्रियता के चलते कार्यक्रम में युवाओं की अच्छी भागीदारी होगी। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रचार-प्रसार किया गया और दर्शकों को आकर्षित करने के लिए तैयारियां की गई थीं। आयोजकों का कहना है कि कार्यक्रम के दौरान डीजे से गलती से अंजलि का चर्चित गाना ‘कच्चा बादाम’ बज गया। आशीष गुप्ता का दावा है कि गाना बजने के तीन से चार सेकंड के भीतर ही उसे बंद करा दिया गया था। इसके बावजूद अंजलि नाराज हो गईं और उन्होंने मंच पर ही विरोध जताना शुरू कर दिया। कुछ ही देर बाद वह कार्यक्रम छोड़कर चली गईं। आशीष ने सवाल उठाया कि जिस गाने पर बनाई गई रील से अंजलि अरोड़ा को देशभर में पहचान मिली और जिसके चलते वह सोशल मीडिया पर चर्चा में आईं, उसी गाने के बजने पर इतना बड़ा विवाद क्यों खड़ा हो गया? आयोजक के मुताबिक, अगर अंजलि को इस गाने से आपत्ति थी, तो वह पहले ही अपनी टीम के माध्यम से इसकी जानकारी दे सकती थीं। कार्यक्रम के दौरान भी आयोजकों से कहकर गाना बंद कराया जा सकता था। उनका कहना है कि गाना बंद होने के बाद भी कार्यक्रम जारी रखा जा सकता था, लेकिन अचानक मंच छोड़कर जाने से पूरा आयोजन प्रभावित हो गया। आयोजक ने यह भी दावा किया कि गाना न तो अश्लील था और न ही उसमें ऐसी कोई बात थी, जिसके कारण उसे बजाने पर विवाद होना चाहिए था। उन्होंने कहा कि अंजलि की नाराजगी समझ से परे है। हालांकि, गाने को लेकर कलाकार और आयोजकों के बीच क्या सहमति हुई थी, इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
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चार गतिविधियां तय होने का दावा, आयोजक बोले- एक भी ठीक से पूरी नहीं हुई
आशीष गुप्ता के अनुसार, अंजलि अरोड़ा को कार्यक्रम में आमंत्रित करने से पहले उनकी टीम के साथ कई गतिविधियों को लेकर बातचीत हुई थी। आयोजकों का दावा है कि कुल चार काम तय किए गए थे। इनमें मंच पर परफॉर्मेंस देना, मुख्य अतिथियों को मोमेंटो देकर सम्मानित करना, दर्शकों से बातचीत करना और आयोजकों की टीम के साथ फोटो खिंचवाना शामिल था। आशीष का आरोप है कि अंजलि ने तय कार्यक्रम के मुताबिक सभी गतिविधियां पूरी नहीं कीं। उनके मुताबिक, अंजलि के मंच पर आने के करीब 10 से 15 मिनट के भीतर ही विवाद शुरू हो गया और वह वहां से चली गईं। ऐसे में अतिथियों के सम्मान और दर्शकों के साथ बातचीत जैसी गतिविधियां प्रभावित हुईं। आयोजकों का कहना है कि उन्होंने कार्यक्रम के लिए पूरी तैयारी की थी और दर्शक भी अपने पसंदीदा सोशल मीडिया स्टार को देखने के लिए पहुंचे थे। आयोजक पक्ष का कहना है कि किसी भी बड़े कार्यक्रम में कलाकार के मंच पर आने, परफॉर्मेंस की अवधि और दूसरी गतिविधियों का पहले से शेड्यूल बनाया जाता है। इसके आधार पर ही मंच, साउंड, लाइट, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाएं की जाती हैं। ऐसे में यदि कलाकार बीच में कार्यक्रम छोड़कर चला जाए, तो इसका असर केवल मंच तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरी व्यवस्था पर पड़ता है। आशीष ने आरोप लगाया कि इस मामले में भी यही हुआ और उनकी टीम को आर्थिक नुकसान के साथ लोगों के सवालों का सामना करना पड़ा।
अनुभव राज का आरोप- पेमेंट के लिए सुबह छह बजे से आने लगे फोन
आयोजक अनुभव राज ने भुगतान को लेकर भी अपनी बात रखी। उनके मुताबिक, अंजलि अरोड़ा की मैनेजर प्रीति की ओर से कार्यक्रम से पहले पूरी पेमेंट करने का दबाव बनाया जा रहा था। अनुभव का कहना है कि उन्होंने आखिरी 75 हजार रुपये सुरक्षा के तौर पर रोक रखे थे। उनकी योजना थी कि अंजलि के कानपुर पहुंचने के बाद शेष रकम का भुगतान कर दिया जाएगा। अनुभव के मुताबिक, 15 अक्टूबर की सुबह करीब छह बजे से ही भुगतान के लिए लगातार फोन आने लगे। उस समय अंजलि की टीम पटना से फ्लाइट के जरिए आने वाली थी। आयोजकों ने एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद बकाया राशि देने की बात कही थी। अनुभव का आरोप है कि भुगतान को लेकर बार-बार दबाव बनाए जाने से उन्हें परेशानी हुई। उन्होंने यात्रा और टिकट बुकिंग को लेकर भी सवाल उठाए। अनुभव के मुताबिक, अंजलि की टीम के चार लोगों के लिए पहले ही फ्लाइट टिकट बुक कराई जा चुकी थीं। इसके बावजूद अंतिम समय में टीम के पीआरओ संजय सिंह के लिए भी महंगी फ्लाइट टिकट बुक करानी पड़ी। आयोजक का कहना है कि यह टिकट कार्यक्रम का समय बढ़ाने और मुख्य अतिथियों को मोमेंटो देने जैसी व्यवस्थाओं के सिलसिले में कराई गई थी। अनुभव ने कहा कि आयोजक के तौर पर उन्होंने कलाकार और उनकी टीम की जरूरतों के मुताबिक व्यवस्थाएं करने की कोशिश की। इसके बावजूद कार्यक्रम के दौरान जिस तरह की स्थिति बनी, उससे उन्हें निराशा हुई। उनका कहना है कि जब किसी कार्यक्रम के लिए पहले से भुगतान, यात्रा और अन्य व्यवस्थाएं की जाती हैं, तो दोनों पक्षों की जिम्मेदारी होती है कि तय शर्तों के मुताबिक काम करें।
फ्लाइट लेट होने के बाद एयरपोर्ट पर भी इंतजार, फिर कार्यक्रम में देरी
अनुभव राज के मुताबिक, अंजलि अरोड़ा की फ्लाइट करीब 40 मिनट की देरी से पहुंची और शाम 4:05 बजे लैंड हुई। आयोजक का आरोप है कि फ्लाइट उतरने के बाद अंजलि को एयरपोर्ट से बाहर आने में करीब 40 मिनट लग गए। इस दौरान उनकी टीम बाहर इंतजार करती रही और आगे की व्यवस्थाओं पर असर पड़ता गया। अनुभव का कहना है कि कार्यक्रम को लेकर पूरा इवेंट फ्लो एक दिन पहले ही अंजलि की टीम को भेज दिया गया था। आयोजकों के मुताबिक, मंच पर आने का समय रात नौ बजे तय था, लेकिन अंजलि करीब 9:45 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचीं। उस समय पुलिस प्रशासन से कार्यक्रम के लिए रात दस बजे तक की ही अनुमति थी। ऐसे में आयोजकों के पास कार्यक्रम पूरा कराने के लिए बहुत कम समय बचा था। आयोजक का आरोप है कि देरी के कारण मंच पर होने वाली गतिविधियों और अतिथियों के सम्मान से जुड़ी योजनाएं प्रभावित हुईं। उनका कहना है कि कार्यक्रम में पहले से तय समय और व्यवस्थाओं का पालन होना जरूरी था, क्योंकि आयोजन केवल कलाकार की प्रस्तुति तक सीमित नहीं था। इसमें अतिथि, दर्शक, प्रायोजक और आयोजन से जुड़े कई लोग शामिल थे। आयोजकों के मुताबिक, इतने कम समय में कार्यक्रम को तय रूप में पूरा करना मुश्किल हो गया।
1500 दर्शक पहुंचे, सुरक्षा के चलते प्रवेश रोकने का दावा
आशीष गुप्ता के अनुसार, ‘नगाड़ा नाइट’ डांडिया कार्यक्रम में शुरुआत में करीब 1200 लोगों के पहुंचने का अनुमान लगाया गया था, लेकिन कार्यक्रम स्थल पर लगभग 1500 दर्शक पहुंच गए। आयोजक का दावा है कि लोगों की संख्या बढ़ने के कारण सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए प्रवेश रोकना पड़ा। आयोजकों के मुताबिक, कार्यक्रम की व्यवस्था संभालने के लिए आठ से दस मुख्य मैनेजमेंट सदस्य, 200 से अधिक वॉलंटियर्स और 50 से ज्यादा बाउंसर्स तैनात किए गए थे। उनका कहना है कि सुरक्षा और आपसी तालमेल के लिए टीम के सदस्य क्लियर-कॉम के जरिए जुड़े हुए थे। आयोजकों ने दावा किया कि अंजलि के मंच पर आने से पहले कार्यक्रम अच्छी तरह चल रहा था और व्यवस्थाएं नियंत्रण में थीं। आशीष का कहना है कि बड़ी संख्या में दर्शकों के पहुंचने के बावजूद आयोजन को संभालने की कोशिश की जा रही थी। दर्शक कार्यक्रम में प्रस्तुति देखने के लिए आए थे, लेकिन विवाद के कारण उनकी उम्मीदों पर भी असर पड़ा। आयोजकों का आरोप है कि इस पूरे घटनाक्रम के चलते उन्हें दर्शकों, अतिथियों और कार्यक्रम से जुड़े लोगों के सामने असहज स्थिति का सामना करना पड़ा।
मैनेजमेंट पर आरोप लगाने से नाराज आयोजक, बोले- बात करने तक का मौका नहीं मिला
कार्यक्रम छोड़ने के बाद अंजलि अरोड़ा ने आयोजन और मैनेजमेंट की व्यवस्था पर सवाल उठाए थे। इस पर अनुभव राज ने कहा कि अंजलि के आने से पहले कार्यक्रम ठीक तरीके से चल रहा था। उनका दावा है कि आयोजन के लिए पर्याप्त सुरक्षा, वॉलंटियर्स और मैनेजमेंट टीम तैनात थी। ऐसे में पूरी व्यवस्था पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
अनुभव ने आरोप लगाया कि अंजलि के मंच छोड़ने के बाद आयोजक उनसे बात करने के लिए गैंजेस क्लब पहुंचे थे। लेकिन उनके मुताबिक, वहां उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें नजरअंदाज किया गया। अनुभव का कहना है कि उस समय तक भुगतान भी किया जा चुका था, इसके बावजूद उन्हें अपनी बात रखने और विवाद सुलझाने का पर्याप्त मौका नहीं मिला। आयोजक पक्ष का कहना है कि यदि गाने, मंच की व्यवस्था या किसी अन्य विषय को लेकर कोई परेशानी थी, तो दोनों पक्ष बैठकर बातचीत कर सकते थे। उनका आरोप है कि इस तरह अचानक कार्यक्रम छोड़ने से विवाद बढ़ा और इसका असर कानपुर में आयोजित कार्यक्रम की छवि पर पड़ा। अनुभव ने कहा कि वह खुद कानपुर के रहने वाले हैं और अपने शहर को लेकर की गई टिप्पणियों से आहत हैं। हालांकि, इस संबंध में अंजलि अरोड़ा का विस्तृत पक्ष अभी सामने नहीं आया है।
मीडिया और इन्फ्लुएंसर्स को लेकर भी रखी गई थीं शर्तें
आशीष गुप्ता ने मीडिया और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को लेकर हुई बातचीत का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, अंजलि की टीम की ओर से कहा गया था कि मीडिया के लोग उनके पास नहीं आएं। इसके अलावा आयोजकों से यह भी कहा गया था कि वे इन्फ्लुएंसर्स से ‘कच्चा बादाम’ गाने के नाम का इस्तेमाल नहीं करने के लिए कहें।आशीष का दावा है कि उन्होंने अपने संपर्क में मौजूद इन्फ्लुएंसर्स से बातचीत की थी और सहयोग करने की अपील भी की थी। उनके मुताबिक, इन्फ्लुएंसर्स इस बात पर सहमत थे। आयोजक का कहना है कि कार्यक्रम से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर पहले से बातचीत की जा रही थी और उनकी टीम ने दूसरी तरफ से बताई गई जरूरतों को पूरा करने की कोशिश की, आशीष के मुताबिक, इसके बावजूद कार्यक्रम के दौरान विवाद खड़ा हो गया। उन्होंने कहा कि जब किसी आयोजन के लिए दोनों पक्ष पहले से बातचीत कर लेते हैं, तो बाद में किसी असहमति की स्थिति में बातचीत से समाधान निकालना चाहिए। आयोजकों का आरोप है कि इस मामले में ऐसा नहीं हो सका और अब उन्हें कानूनी रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
15 से 20 लाख रुपये के नुकसान का दावा, सोशल मीडिया पर माफी की मांग
आशीष गुप्ता ने इस पूरे घटनाक्रम से 15 से 20 लाख रुपये तक का नुकसान होने का दावा किया है। उनके मुताबिक, कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार, कलाकार की बुकिंग, यात्रा, सुरक्षा, मंच और दूसरी व्यवस्थाओं पर खर्च किया गया था। आयोजन को सफल बनाने के लिए उनकी टीम करीब 30 दिनों से तैयारियों में जुटी थी। ऐसे में कार्यक्रम का तय तरीके से पूरा नहीं होना उनके लिए आर्थिक और व्यावसायिक नुकसान का कारण बना। आयोजकों ने अंजलि अरोड़ा से सोशल मीडिया पर माफी मांगने की मांग की है। उनका कहना है कि कार्यक्रम के दौरान जो हुआ, उससे आयोजकों की प्रतिष्ठा प्रभावित हुई और कानपुर की छवि को लेकर भी सवाल उठे। अनुभव राज का कहना है कि वह इस मामले को केवल आर्थिक नुकसान तक सीमित नहीं रखना चाहते, बल्कि चाहते हैं कि भविष्य में किसी भी शहर या वहां के आयोजकों को लेकर बयान देने से पहले तथ्यों को ध्यान में रखा जाए, आयोजकों ने यह भी कहा कि कार्यक्रम में जिन अतिथियों को मोमेंटो देकर सम्मानित किया जाना था, उन्हें सम्मानित करने की योजना थी। विवाद के कारण यह गतिविधि भी प्रभावित हुई। उनका कहना है कि आयोजन के लिए खर्च की गई रकम और तय गतिविधियों को देखते हुए उन्हें उचित रिफंड मिलना चाहिए। हालांकि, 15 से 20 लाख रुपये के नुकसान के दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
स्वरूप नगर थाने पहुंचे आयोजक, FIR दर्ज करने की मांग
विवाद बढ़ने के बाद अनुभव राज और आशीष गुप्ता समेत आयोजक पक्ष के लोग कानपुर के स्वरूप नगर थाने पहुंचे। यहां उन्होंने अंजलि अरोड़ा और उनकी मैनेजर के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग करते हुए पुलिस को प्रार्थना पत्र सौंपा। आयोजकों ने अपनी शिकायत में भुगतान, कार्यक्रम की तय शर्तों, मंच छोड़ने और कथित नुकसान से जुड़े आरोप उठाए हैं। आयोजकों का कहना है कि वे पुलिस से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अनुभव राज ने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो वे न्यायालय में भी कानूनी कार्रवाई करेंगे। फिलहाल, पुलिस को प्रार्थना पत्र दिए जाने की जानकारी सामने आई है। FIR दर्ज हुई है या नहीं और पुलिस ने इस शिकायत पर क्या कार्रवाई की है, इसकी पुष्टि होना बाकी है। आयोजकों ने दूसरे इवेंट मैनेजर्स को भी इस मामले से सबक लेने की सलाह दी है। उनका कहना है कि किसी भी कलाकार को आमंत्रित करने से पहले परफॉर्मेंस की अवधि, मंच पर होने वाली गतिविधियां, फोटो सेशन, मीडिया से बातचीत, गानों से जुड़ी शर्तें, यात्रा और भुगतान की प्रक्रिया स्पष्ट रूप से लिखित कॉन्ट्रैक्ट में दर्ज होनी चाहिए। इससे कार्यक्रम के दौरान किसी भी तरह के विवाद की स्थिति में दोनों पक्षों की जिम्मेदारियां स्पष्ट रहेंगी।
15 अक्टूबर को हुआ था नगाड़ा नाइट डांडिया कार्यक्रम
दरअसल, 15 अक्टूबर को कानपुर के मोतीझील स्थित लाजपत भवन लॉन में ‘नगाड़ा नाइट’ डांडिया कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें अंजलि अरोड़ा को विशेष अतिथि के रूप में बुलाया गया था। कार्यक्रम को लेकर पहले से प्रचार किया गया था और आयोजकों को बड़ी संख्या में दर्शकों के पहुंचने की उम्मीद थी। कार्यक्रम के दौरान ‘कच्चा बादाम’ गाना बजने पर अंजलि नाराज हो गईं और कुछ ही देर में मंच छोड़कर चली गईं। इसके बाद आयोजन की व्यवस्थाओं और मैनेजमेंट को लेकर विवाद सामने आया। अब आयोजक अनुभव राज और आशीष गुप्ता ने स्वरूप नगर थाने में प्रार्थना पत्र देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है और 15 से 20 लाख रुपये के नुकसान का दावा किया है।
फिलहाल, मामला आयोजकों की शिकायत और उनके आरोपों के आधार पर आगे बढ़ रहा है। पुलिस की ओर से शिकायत पर कार्रवाई और अंजलि अरोड़ा या उनकी मैनेजर का पक्ष सामने आने के बाद ही मामले में स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
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