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केजरीवाल 28 मार्च तक रिमांड पर, ED ने बताया शराब घोटाले का मास्टरमाइंड

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NEW DELHI : शराब नीति मामले में PMLA कोर्ट ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को 18 मार्च तक के लिए ईडी की रिमांड पर भेज दिया है. केजरीवाल को शुक्रवार दोपहर 2 बजे दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया था. इसके बाद दोपहर 2:15 से शाम 5:15 बजे तक मामले की सुनवाई चली. इसके बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया.

 ईडी ने मांगी थी 10 दिन की रिमांड : प्रवर्तन निदेशालय ने अदालत से केजरीवाल की 10 दिन की रिमांड मांगी थी. इसके साथ ही ईडी ने दिल्ली सीएम को ही इस मामले का मास्टरमाइंड बताया. जांच एजेंसी ने दावा किया कि इस मामले से जुड़े सारे इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को मिटा दिया है. कई सारे फोन्स को तोड़ दिया गया है. ईडी ने कहा कि केजरीवाल सीधे तौर पर दिल्ली शराब नीति को बनाने में शामिल थे. वे पंजाब और गोवा विधानसभा चुनाव के लिए फंडिंग चाहते थे. इस घोटाले के पैसों से गोवा चुनाव में 45 करोड़ रुपये खर्च हुआ.


 बीती रात हुई थी गिरफ्तारी : जानकारी के लिए बता दें कि अरविंद केजरीवाल को बीती रात ED ने शराब नीति घोटाला मामले में एक घंटे से ज्यादा की पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के बाद AAP के कई नेताओं ने सड़क जाम कर प्रदर्शन भी किया. पार्टी ने कहा कि ये सब भाजपा के इशारों पर हुआ है और लोकसभा चुनावों में केजरीवाल को प्रचार करने से रोकने का प्रयास है.

आइए जानते हैं कि दिल्ली शराब घोटाला क्या है, जिसमें AAP सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार किया गया है…

 22 मार्च 2021- दिल्ली के तत्कालीन उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने नई शराब नीति का ऐलान किया. उन्होंने कहा कि इस नई नीति से शराब व्यापार में माफिया राज खत्म होगा और सरकारी खजाने में बढ़ोत्तरी होगी. बता दें कि उस वक्त तक दिल्ली में शराब की 60 फीसदी दुकानें सरकारी और 40 प्रतिशत दुकानें प्राइवेट थीं.

 17 नवंबर 2022- नई शराब नीति 2021-2022 को लागू कर दिया है. इस नीति में शराब कारोबार से सरकार को बाहर रखा गया और ये बिजनेस पूरी तरह से निजी हाथों में चल गया. नई शराब नीति में दिल्ली को 32 जोन में बांटा गटा था, हर जोन में 27 शराब की दुकाने रखी गईं थीं.

 8 जुलाई 2022- दिल्ली के मुख्य सचिव नरेश कुमार ने आरोप लगाया कि नई शराब नीति में घोटाला हुआ है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मनीष सिसोदिया ने शराब कारोबारियों को अनुचित फायदा पहुंचाया है. उन्होंने इस मामले से जुड़ी एक रिपोर्ट को उपराज्यपाल वीके सक्सेना को सौंपा. इस दौरान उपराज्यपाल ने भी कहा कि उनकी मंजूरी के बिना ही शराब नीति में बदलाव कर दिए. इसके बाद उपराज्यपाल ने मामले की सीबीआई जांच की मांग की.

 17 अगस्त 2022- इस मामले में सीबीआई ने केस दर्ज किया है. जांच एजेंसी ने मनीष सिसोदिया, तीन रिटार्यड सरकारी अधिकारी, 9 बिजनेसमैन और 2 कंपनियों को मामले में आरोपी बनाया और सभी के ऊपर भ्रष्टाचार से जुड़ी धाराओं के तहत केस भी दर्ज किया.

 28 जुलाई 2022- विवाद को बढ़ता देख दिल्ली सरकार ने नई शराब नीति को रद्द करने का फैसला किया. इसके बाद फिर से पुरानी नीति को लागू कर दिया गया. इस बीच 22 अगस्त को प्रवर्तन निदेशालय ने सीबीआई से मामले की जानकारी ली और फिर मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कर लिया.

 26 फरवरी 2023- इस मामले में ईडी ने दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार किया. इसके बाद 4 अक्टूबर 2023 को AAP सांसद संजय सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया. इसके बाद 21 मार्च 2024 को ईडी ने अरविंद केजरीवाल को भी गिरफ्तार कर लिया.


 

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