KANPUR MP RAMESH AWASTHI : कानपुर। कैंट क्षेत्र के ऐतिहासिक नानाराव घाट यानी मेस्कर घाट के सौंदर्यीकरण कार्य के निरीक्षण के दौरान भाजपा सांसद रमेश अवस्थी का सख्त रुख देखने को मिला। सोमवार को लोकार्पण के बाद सांसद ने घाट का निरीक्षण किया तो वहां गंदगी, अव्यवस्था और निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर कई सवाल खड़े हो गए। महिला चेंजिंग रूम में गंदगी और टाइल्स की गुणवत्ता देखकर सांसद ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को फटकार लगाई। सांसद ने निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदार और अधिकारियों से पूछा कि काम किस कंपनी को दिया गया है और इसकी निगरानी कौन कर रहा है। इसी दौरान पर्यटन विभाग के प्रोजेक्ट मैनेजर मौके पर पहुंचे तो सांसद ने उनकी कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। बातचीत के दौरान सांसद ने अधिकारी से कहा- ‘तुम्हारा दिमाग खराब हो गया है।
लोकार्पण के बाद निरीक्षण में सामने आईं खामियां
नानाराव घाट के सौंदर्यीकरण कार्य का लोकार्पण सांसद रमेश अवस्थी और एमएलसी सलील विश्नोई ने किया। कार्यक्रम के बाद दोनों ने घाट का निरीक्षण शुरू किया। निरीक्षण के दौरान महिला चेंजिंग रूम और आसपास के हिस्सों में गंदगी दिखाई दी। इसके अलावा निर्माण में इस्तेमाल की गई टाइल्स की गुणवत्ता को लेकर भी सांसद ने सवाल उठाए। उन्होंने मौके पर मौजूद लोगों से निर्माण कार्य की जानकारी ली और ठेकेदार के बारे में पूछा। सांसद ने कहा कि ऐतिहासिक स्थल पर होने वाले निर्माण में गुणवत्ता के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता।
पर्यटन विभाग के प्रोजेक्ट मैनेजर को फटकार
निरीक्षण के दौरान पर्यटन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। सांसद ने प्रोजेक्ट मैनेजर से पूछा कि उद्घाटन के दौरान विभाग की ओर से जिम्मेदार अधिकारी मौके पर क्यों नहीं मौजूद था और घाट की व्यवस्थाएं पहले से दुरुस्त क्यों नहीं कराई गईं। सांसद ने निर्माण कार्य में अनियमितता की आशंका जताते हुए पूरे मामले की जांच कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि सरकारी धन से होने वाले काम में लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
जेई से भी मांगा ठेकेदार का हिसाब
सांसद ने कैंटोनमेंट बोर्ड के जेई से भी निर्माण कार्य को लेकर सवाल किए। उन्होंने पूछा कि ठेकेदार का चयन कैसे हुआ और आखिर किसके माध्यम से यह काम संबंधित कंपनी को दिया गया। जेई ने बताया कि वह हाल ही में यहां तैनात हुए हैं। इसके बाद सांसद ने संबंधित ठेकेदार और कंपनी के काम की जांच कराने तथा अनियमितता मिलने पर कार्रवाई कराने की बात कही।
करीब एक करोड़ रुपये की लागत से हो रहा काम
नानाराव घाट के सौंदर्यीकरण का काम पर्यटन विभाग की ओर से कराया जा रहा है। इस परियोजना की लागत करीब एक करोड़ रुपये बताई जा रही है। घाट को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए यहां सौंदर्यीकरण और निर्माण कार्य कराया जा रहा है। नानाराव घाट का ऐतिहासिक संबंध 1857 की क्रांति से भी बताया जाता है। इसी वजह से इसे कानपुर के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थलों में विकसित करने की योजना के तहत काम कराया जा रहा है।
गुणवत्ता में कमी मिली तो होगी कार्रवाई
सांसद रमेश अवस्थी ने कहा कि विकास कार्यों में सरकारी धन का इस्तेमाल होता है, इसलिए निर्माण की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में निर्माण कार्य में किसी तरह की अनियमितता या गुणवत्ता में कमी सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा। साथ ही स्पष्ट किया कि ऐतिहासिक स्थल के विकास के नाम पर घटिया निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
जांच के बाद स्पष्ट होगी जिम्मेदारी
मौके पर मिली खामियों को लेकर सांसद ने जांच कराने की बात कही है। जांच में निर्माण की गुणवत्ता, ठेकेदार की भूमिका और अधिकारियों की निगरानी समेत अन्य बिंदुओं को देखा जाएगा। सांसद ने कहा कि जहां भी जिम्मेदारी तय होगी, वहां कार्रवाई कराई जाएगी। नानाराव घाट के सौंदर्यीकरण का उद्देश्य इसे बेहतर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना है। ऐसे में लोकार्पण के दिन ही निर्माण की गुणवत्ता और सफाई व्यवस्था को लेकर उठे सवालों ने परियोजना की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

