KANPUR NEWS। चौबेपुर थाना क्षेत्र के दिलीप नगर गांव में गाली-गलौज को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद के बाद मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि विवाद के दौरान एक युवती, उसकी बहन और पिता के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने का दावा किया जा रहा है, जिसमें युवती के साथ मारपीट होती दिखाई दे रही है। मामले में पुलिस ने छह लोगों को नामजद करते हुए FIR दर्ज की है। हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर घटना की शुरुआत को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। वीडियो के संबंध में दावा किया जा रहा है कि युवती के साथ कथित अश्लील हरकतों का विरोध करने के बाद विवाद शुरू हुआ। लेकिन चौबेपुर पुलिस के अनुसार यह मामला छेड़छाड़ का नहीं है। थाना प्रभारी के मुताबिक, शुरुआती विवाद गाली-गलौज को लेकर हुआ था और इसके बाद दोनों पक्षों में कहासुनी बढ़ने पर मारपीट हुई।
गाली देने से मना करने पर विवाद बढ़ने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता रिया तिवारी ने आरोप लगाया है कि 24 अगस्त की सुबह करीब 7 बजे रजोल सोनी, सज्जन, साहिल, गौरव, राहुल सोनी और मोहित सोनी आपस में भद्दी-भद्दी गालियां दे रहे थे। रिया का आरोप है कि उसने गाली देने से मना किया तो आरोपियों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। शिकायत के अनुसार, विवाद बढ़ने पर रिया की बहन अर्चना और पिता मनोज तिवारी भी मौके पर पहुंचे। आरोप है कि इसके बाद आरोपियों ने दोनों के साथ भी मारपीट की। पीड़ित पक्ष का कहना है कि आरोपियों ने लात-घूंसों के साथ लाठी-डंडों से हमला किया।
मारपीट के दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने घटना का वीडियो बना लिया। बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने का दावा किया गया। वीडियो में एक युवती के साथ मारपीट और लाठी चलाए जाने का दृश्य दिखाई देने की बात कही जा रही है। हालांकि, वीडियो की पूरी परिस्थितियों और घटना के क्रम की पुलिस जांच कर रही है।
FIR में छह लोगों को किया गया नामजद
रिया तिवारी की शिकायत के आधार पर चौबेपुर पुलिस ने रजोल सोनी, सज्जन, साहिल, गौरव, राहुल सोनी और मोहित सोनी को नामजद किया है। FIR में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि गाली-गलौज का विरोध करने के बाद उसके साथ मारपीट की गई और बचाव में पहुंचे उसके पिता और बहन को भी पीटा गया। FIR के मुताबिक, मारपीट के दौरान तीनों को चोटें आईं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि घटना के बाद आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी।
पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 191(2), 191(3), 115(2), 352 और 351(3) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। FIR संख्या 0277 को 24 अगस्त 2026 की रात करीब 10:22 बजे दर्ज किया गया। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक विश्व प्रकाश पांडेय को सौंपी गई है।
पुलिस ने साफ किया- मामला छेड़छाड़ का नहीं
वायरल वीडियो और सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों के बीच चौबेपुर थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया है कि पुलिस के सामने आया मामला छेड़छाड़ का नहीं है। पुलिस के अनुसार, घटना की शुरुआत गाली-गलौज को लेकर हुई थी। थाना प्रभारी के मुताबिक, गाली-गलौज को लेकर शुरू हुआ विवाद कुछ देर में बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच मारपीट की स्थिति बन गई। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर घटना को लेकर किए जा रहे दावों के बजाय जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही कार्रवाई की जाएगी।
दूसरे पक्ष ने भी पुलिस को दी तहरीर
इस मामले में अब दूसरा पक्ष भी सामने आया है। चौबेपुर थाना प्रभारी के अनुसार, दूसरे पक्ष की ओर से भी पुलिस को प्रार्थना पत्र दिया गया है। पुलिस के मुताबिक, मारपीट में दूसरे पक्ष के कुछ लोगों के हाथ में कथित फ्रैक्चर होने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, दूसरे पक्ष का मेडिकल कराया जा रहा है। मेडिकल रिपोर्ट और दूसरे पक्ष की ओर से दी गई तहरीर में लगाए गए आरोपों की जांच की जाएगी। यदि जांच में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो दूसरे पक्ष की शिकायत पर भी मुकदमा दर्ज किया जाएगा। इससे साफ है कि पुलिस फिलहाल मामले को एकतरफा घटना के रूप में नहीं देख रही है और दोनों पक्षों के आरोपों की जांच की जा रही है।
वायरल VIDEO की भी होगी पड़ताल
घटना के बाद सामने आए कथित वायरल वीडियो को लेकर भी पुलिस जांच कर रही है। पुलिस वीडियो के अलावा घटनास्थल, प्रत्यक्षदर्शियों और दोनों पक्षों की ओर से दिए गए बयानों की भी पड़ताल करेगी, वायरल वीडियो में मारपीट का हिस्सा दिखाई देने का दावा किया जा रहा है, लेकिन वीडियो के आधार पर घटना की शुरुआत और पूरे विवाद की वजह तय नहीं की जा सकती। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि विवाद किस तरह शुरू हुआ और मारपीट में किस-किस की भूमिका रही।
जांच के बाद आगे की कार्रवाई
फिलहाल पुलिस ने एक पक्ष की शिकायत पर छह लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। दूसरे पक्ष की तहरीर और मेडिकल रिपोर्ट की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले में फिलहाल पुलिस ने छेड़छाड़ की धारा में कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया है। इसलिए सोशल मीडिया पर घटना को छेड़छाड़ से जोड़कर किए जा रहे दावों को पुलिस की जांच और आधिकारिक पुष्टि से अलग रखना जरूरी है।

