उत्तर प्रदेश

KANPUR NEWS : महापौर के ‘बागी नहीं, बच्चे हैं’ बयान से कानपुर भाजपा में बढ़ी खींचतान, पार्षदों ने क्षेत्रीय अध्यक्ष के सामने रखी नाराजगी

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KANPUR NEWS : भाजपा की तिरंगा यात्रा को लेकर आयोजित संगठनात्मक बैठक के बाद कानपुर में पार्टी के भीतर सियासी हलचल तेज हो गई है। बैठक के दौरान महापौर प्रमिला पांडेय की ओर से पार्षदों को लेकर दिए गए ‘बागी नहीं, बच्चे हैं’ बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया। बयान के बाद कुछ पार्षद बैठक से बाहर निकल गए और बाद में उन्होंने भाजपा के कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्रीय अध्यक्ष रामकिशोर साहू से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। पार्षदों का आरोप है कि बैठक का मुख्य उद्देश्य तिरंगा यात्रा की तैयारियों और उसकी रूपरेखा पर चर्चा करना था, लेकिन बैठक के दौरान संगठनात्मक एजेंडे से अलग व्यक्तिगत और राजनीतिक मुद्दों को उठाया गया। उनका कहना है कि इससे बैठक का मूल उद्देश्य प्रभावित हुआ।

महापौर ने कहा- पार्षद बागी नहीं, हमारे बच्चे हैं

बैठक के दौरान महापौर प्रमिला पांडेय ने पार्षदों को लेकर टिप्पणी की कि कुछ लोग कुछ पार्षदों को बागी कहते हैं, जबकि वे बागी नहीं हैं, बल्कि उनके बच्चे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि महापौर और पार्षदी का कार्यकाल एक दिन समाप्त हो जाएगा, लेकिन पार्टी के कार्यकर्ता आपस में साथ रहेंगे। महापौर के इसी बयान के बाद पार्षद आलोक पांडेय, विकास जायसवाल, पवन गुप्ता, लक्ष्मी कोरी और निक्कू तिवारी के बैठक से बाहर निकलने की बात सामने आई। इसके बाद यह मामला पार्टी संगठन तक पहुंच गया।

आलोक पांडेय बोले- बैठक का एजेंडा बदलने की कोशिश हुई

पार्षद आलोक पांडेय ने आरोप लगाया कि संगठन की ओर से बैठक तिरंगा यात्रा की तैयारियों को लेकर बुलाई गई थी, लेकिन महापौर ने बैठक के दौरान पार्षदों से जुड़े दूसरे विषयों को सामने रख दिया। उनके मुताबिक, ‘पार्षद भटक गए थे, लेकिन लौट आए’ जैसे बयानों के जरिए बैठक का रुख बदलने का प्रयास किया गया, आलोक पांडेय ने कहा कि वह इस तरह की टिप्पणी से सहमत नहीं हैं और पूरे मामले की जानकारी संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों को दे दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह भाजपा के कार्यकर्ता हैं और पार्टी संगठन के साथ ही जुड़े हुए हैं।

विकास जायसवाल ने कहा- हमारा कोई दूसरा घर नहीं

पार्षद विकास जायसवाल ने भी बैठक के दौरान व्यक्तिगत मुद्दों को उठाए जाने पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि तिरंगा यात्रा को लेकर रणनीति बनाने के लिए भाजपा के उत्तर और दक्षिण जिलों के पदाधिकारियों, मंडल अध्यक्षों और वार्ड अध्यक्षों की बैठक आयोजित की गई थी। विकास जायसवाल के अनुसार, बैठक में संगठनात्मक चर्चा के बजाय व्यक्तिगत विवाद और अन्य मुद्दे सामने आने लगे। उन्होंने कहा कि सभी पार्षद भाजपा के कार्यकर्ता हैं और उनका पार्टी के अलावा कोई दूसरा राजनीतिक घर नहीं है।

उन्होंने नगर निगम में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी। उनका कहना है कि जिन मामलों को लेकर पार्षद आवाज उठा रहे हैं, यदि उनके रिकॉर्ड की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।

पार्षद पवन गुप्ता ने भी जताई नाराजगी

पार्षद पवन गुप्ता ने महापौर के बयान में इस्तेमाल किए गए ‘बच्चे’ शब्द पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यदि महापौर पार्षदों को अपने बच्चों की तरह मानती हैं तो वार्ड की जनता के साथ भी उसी भावना से व्यवहार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता को विरोधी नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। पवन गुप्ता के मुताबिक, इस पूरे विवाद की जानकारी क्षेत्रीय अध्यक्ष रामकिशोर साहू को दे दी गई है और अब संगठन के निर्णय का इंतजार है।

क्षेत्रीय अध्यक्ष से मुलाकात के बाद बढ़ी संगठनात्मक हलचल

विवाद सामने आने के बाद संबंधित पार्षदों ने भाजपा के कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्रीय अध्यक्ष रामकिशोर साहू से मुलाकात की। पार्षदों ने बैठक में हुई बातचीत और महापौर के बयान को लेकर अपनी आपत्तियां संगठन के सामने रखीं। पार्षदों का कहना है कि वे भाजपा के अनुशासित कार्यकर्ता हैं और पार्टी के भीतर ही अपनी बात रख रहे हैं। उनका दावा है कि नगर निगम से जुड़े जिन मुद्दों पर वे सवाल उठा रहे हैं, उनका उद्देश्य व्यक्तिगत विरोध नहीं बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।

फिलहाल महापौर के बयान के बाद शुरू हुआ यह विवाद संगठन के स्तर तक पहुंच चुका है। अब सभी की नजर भाजपा संगठन के अगले कदम पर है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पार्टी नेतृत्व पार्षदों की शिकायतों पर क्या रुख अपनाता है और महापौर व पार्षदों के बीच चल रही इस सियासी खींचतान को किस तरह सुलझाया जाता है।

खबर समाप्त ….


 

Ashutosh Mishra "Rudra"

आशुतोष मिश्र 'रुद्र' पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता क्षेत्र में सक्रिय हैं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री के साथ-साथ एलएलबी डिग्री धारक हैं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत वर्ष 2006 में पंजाब केसरी दिल्ली से हुई। इसके बाद दैनिक जागरण आई-नेक्स्ट कानपुर, अमर उजाला प्रकाशन कानपुर में उप-सम्पादक के पद पर करीब आठ वर्ष सेवाएं दीं। अमर उजाला की ओर से वह उप्र राज्य सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग की ओर से उन्हें अधिमान्य पत्रकार की उपाधि प्राप्त हुई। आशुतोष मिश्र 'रुद्र' वर्तमान में INDIA NEWS 24x7 डिजिटल में सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। रुद्र नागरिक सुविधाओं और विकास से जुड़े विभागों में 'खोजी पत्रकारिता' के लिए विशेष तौर पर जाने जाते हैं। नगर निगम, विकास प्राधिकरण में भ्रष्टाचार एवं कई चर्चित घोटालों का उन्होंने खबरों के माध्यम से पर्दाफाश किया है। स्पष्ट एवं निष्पक्ष लेखन के कारण वह पत्रकारिता क्षेत्र में विशेष रूप से जाने जाते हैं।

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