उत्तर प्रदेश

KANPUR NEWS : कानपुर की बदहाल व्यवस्था देख हाई हुआ नगर आयुक्त का पारा: शहरभर में गंदगी और जलभराव पर फटकार, अधूरे पड़े प्रोजेक्ट समय पर पूरे करने का अल्टीमेटम

नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने मोतीझील से जाजमऊ और रामादेवी से फजलगंज तक किया जमीनी निरीक्षण, सीएम ग्रिड रोड की धीमी प्रगति पर जताई सख़्त नाराजगी !

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KANPUR NEWS । शहर की सफाई, जलनिकासी और विकास कार्यों की जमीनी हकीकत जानने के लिए नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय शनिवार को सड़कों पर उतरे। कई घंटे तक चले निरीक्षण में शहर की व्यवस्थाओं की तस्वीर उम्मीद के विपरीत मिली। कहीं सड़कों के किनारे कूड़े के ढेर थे तो कहीं जलभराव लोगों की परेशानी बढ़ा रहा था। कई महत्वपूर्ण निर्माण परियोजनाओं की रफ्तार भी तय समय सीमा के अनुरूप नहीं मिली। स्थिति देखकर नगर आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और साफ कर दिया कि सफाई, जलनिकासी और निर्माण कार्यों में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने मौके पर ही जिम्मेदार अधिकारियों को व्यवस्थाएं सुधारने और लंबित कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए। नगर आयुक्त का निरीक्षण मोतीझील मेट्रो स्टेशन से शुरू होकर बेनाझाबर रोड, बकरमंडी, चुन्नीगंज, लाल इमली, परेड, बड़ा चौराहा, फूलबाग, जाजमऊ, रामादेवी, यशोदानगर, किदवईनगर, गोविंदनगर, फजलगंज, मरियमपुर, लाजपत नगर और एलएलआर अस्पताल समेत शहर के कई प्रमुख इलाकों तक पहुंचा।


लाल इमली से फूलबाग तक सफाई व्यवस्था की खुली पोल

निरीक्षण के दौरान लाल इमली से परेड चौराहे तक कई स्थानों पर गंदगी नजर आई। सड़क किनारे और सार्वजनिक स्थानों पर सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिलने पर नगर आयुक्त ने जोनल स्वच्छता अधिकारी को तत्काल सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए। बड़ा चौराहे के आसपास जलभराव की समस्या भी सामने आई। नगर आयुक्त ने अधिकारियों को पानी की निकासी तत्काल सुनिश्चित कराने को कहा। इसके बाद फूलबाग स्थित एलआईसी चौराहे के पास भी गंदगी मिलने पर सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए।



सीएम ग्रिड रोड के निर्माण में बाधा, विभागों की होगी संयुक्त बैठक

नगर आयुक्त ने लाल बंगला से वीआईपी रोड और जेके चौराहे से पैसिफिक लॉन तक चल रहे सीएम ग्रिड रोड निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया। बारिश के कारण सड़क की स्थिति और निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया गया। कई जगह सड़क को अस्थायी रूप से जीएसबी डालकर मोटरेबल बनाया गया था। अधिकारियों ने बताया कि वीआईपी रोड के करीब 300 मीटर हिस्से में टेनरी लाइन का कनेक्शन न होने के कारण यूटिलिटी और सड़क निर्माण का काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है।नगर आयुक्त ने इस समस्या को जल्द दूर करने के लिए जल निगम, जलकल और नगर निगम की अभियंत्रण शाखा की संयुक्त बैठक बुलाने के निर्देश दिए। साथ ही केडीए चौराहे के सौंदर्यीकरण को लेकर भी बेहतर कार्ययोजना तैयार करने को कहा।



ग्रीन बेल्ट में कूड़ा डालते कर्मचारी को देख भड़के नगर आयुक्त

जेके चौराहे से नई चुंगी के बीच ओवरब्रिज के नीचे बने ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान एक सफाई कर्मचारी कूड़ा डालता मिला। अधिकारियों ने बताया कि वार्डों से निकलने वाला कूड़ा यहां अस्थायी तौर पर एकत्र कर बाद में हटाया जाता है। इस व्यवस्था पर नगर आयुक्त ने नाराजगी जताई और स्पष्ट निर्देश दिए कि ग्रीन बेल्ट को किसी भी कीमत पर कूड़ा डंपिंग स्थल नहीं बनाया जाएगा। उन्होंने जाजमऊ से लाल बंगला तक ओवरब्रिज के नीचे स्थित ग्रीन बेल्ट में विशेष सफाई अभियान चलाने के निर्देश भी दिए।



80 साल पुराने डाट नाले के बैठने से धंसी सड़क

नई चुंगी चौराहे पर बने बड़े गड्ढे की भी नगर आयुक्त ने मौके पर जाकर जांच की। निरीक्षण में पता चला कि सड़क के नीचे बना करीब 70 से 80 साल पुराना ब्रिक वर्क डाट नाला बैठ गया है, जिसके कारण सड़क का हिस्सा धंस गया। नगर आयुक्त ने संबंधित विभाग को प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत कार्य कराने के निर्देश दिए। इसके बाद जल निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर सुधार कार्य शुरू कर दिया।



रामादेवी-यशोदानगर मार्ग पर पड़ा मिला निर्माण मलबा

रामादेवी चौराहे से यशोदानगर बाईपास तक कई स्थानों पर निर्माण और ध्वस्तीकरण से निकला मलबा बड़ी मात्रा में पड़ा मिला। सार्वजनिक स्थानों पर फैले सीएंडडी वेस्ट को देखकर नगर आयुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने विशेष अभियान चलाकर मलबा हटाने और नियमों का उल्लंघन करने वालों से यूजर चार्ज वसूलने के निर्देश दिए।


दीप सिनेमा से सोटे बाबा मार्ग तक सुस्त मिली परियोजना

जोन-3 में दीप सिनेमा तिराहे से सोटे बाबा मंदिर होते हुए एच-ब्लॉक तक चल रहे सीएम ग्रिड सड़क चौड़ीकरण कार्य का भी नगर आयुक्त ने निरीक्षण किया। परियोजना को 25 सितंबर तक पूरा करने का लक्ष्य है, लेकिन मौके पर काम की गति बेहद धीमी मिली। रिपोर्ट के अनुसार कई यूटिलिटी कार्य अभी अधूरे हैं। सीवर लाइन, वाटर लाइन, गैस लाइन, इलेक्ट्रिक डक्ट, एचडीपीई पाइप और स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज के बड़े हिस्से का काम बाकी है। डिवाइडर और फुटपाथ निर्माण की प्रगति भी संतोषजनक नहीं मिली। नगर आयुक्त ने कार्यदायी संस्था और संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि 15 सितंबर तक सभी यूटिलिटी कार्य पूरे किए जाएं और सितंबर माह के भीतर पूरे प्रोजेक्ट को हर हाल में पूरा किया जाए।


फजलगंज में आवारा पशुओं के खिलाफ विशेष अभियान

फजलगंज चौराहे के आसपास बड़ी संख्या में आवारा पशु घूमते मिले। नगर आयुक्त ने इसे यातायात और आम लोगों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा मानते हुए मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़कों पर घूम रहे आवारा पशुओं को पकड़कर काजी हाउस में निरुद्ध किया जाए, ताकि दुर्घटनाओं की आशंका को कम किया जा सके।


देवकी चौराहे पर जलभराव के लिए बनी संयुक्त कार्ययोजना

देवकी चौराहे पर जलभराव की समस्या को लेकर नगर आयुक्त ने नगर निगम, जलकल और मेट्रो अधिकारियों के साथ मौके पर स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि देवकी चौराहे से रावतपुर की दिशा में करीब 100 मीटर नाले की सफाई न होने के कारण पानी का प्रवाह बाधित हो रहा है। नगर आयुक्त ने निर्देश दिया कि इस हिस्से की सफाई मेट्रो द्वारा नगर निगम और जलकल विभाग की निगरानी में कराई जाएगी। वहीं इसके आगे के नाले की सफाई की जिम्मेदारी नगर निगम को दी गई है। नीरक्षीर चौराहे पर भी जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए नगर निगम और मेट्रो की संयुक्त टीम को निरीक्षण कर प्रभावी जलनिकासी व्यवस्था तैयार करने के निर्देश दिए गए।


गंदे फुटपाथ और चोक नाली पर अधिकारियों को चेतावनी

देवकी चौराहे के पास फुटपाथ किनारे गंदगी मिलने पर नगर आयुक्त ने संबंधित जोनल स्वच्छता अधिकारी को कड़ी फटकार लगाई। वहीं भविष्य निधि कार्यालय से अपर श्रमायुक्त कार्यालय तक नाली पूरी तरह भरी हुई मिली। अधिकारियों ने नाले की सफाई न होने का कारण मेट्रो कार्य को बताया, लेकिन नगर आयुक्त ने तत्काल समाधान पर जोर देते हुए टीम लगाकर नाली साफ कराने के निर्देश दिए।


अब जमीनी रिपोर्ट के आधार पर तय होगी जवाबदेही

शहर के व्यापक निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने स्पष्ट संदेश दिया कि केवल कागजों पर विकास कार्यों की प्रगति दिखाने से काम नहीं चलेगा। जमीनी स्तर पर सफाई, जलनिकासी और निर्माण कार्यों का असर दिखाई देना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निरीक्षण में सामने आई सभी कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए। तय समय सीमा में कार्य पूरे न होने और लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी एजेंसियों की जवाबदेही तय की जा सकती है। नगर आयुक्त के इस ताबड़तोड़ निरीक्षण के बाद अब शहर के विभिन्न इलाकों में सफाई, जलभराव और अधूरे पड़े विकास कार्यों को लेकर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर नजर रहेगी।



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