उत्तर प्रदेश

कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गया कानपुर का परिवार लापता: नेपाल-तिब्बत सीमा पर टूटा संपर्क, 4 दिन से नही मिली कोई खबर, PMO लगाई गुहार

विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के बीच तीन यात्रियों से संपर्क गायब, आखिरी बार 25 अगस्त को हुई थी वीडियो कॉल; परिजनों ने PMO और आपदा प्रबंधन विभाग से लगाई मदद की गुहार !

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NEPAL FLOOD NEWS : कैलाश मानसरोवर की पवित्र यात्रा पर निकले कानपुर के एक ही परिवार के तीन सदस्यों से अचानक संपर्क टूटने के बाद घर में चिंता का माहौल है। नेपाल और तिब्बत सीमा के नजदीकी क्षेत्र में पहुंचे तीनों यात्रियों से 25 अगस्त की शाम के बाद कोई संपर्क नहीं हो सका। चार दिन गुजरने के बावजूद उनकी कोई जानकारी नहीं मिलने पर परिजन लगातार अधिकारियों और राहत एजेंसियों से मदद की गुहार लगा रहे हैं। लापता यात्रियों में पंकज मिश्रा, रागनी मिश्रा और पूनम मिश्रा शामिल हैं। बताया जा रहा है कि तीनों कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल गए थे। जिस समय उनका संपर्क टूटा, उस क्षेत्र में खराब मौसम, बाढ़ और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदा की स्थिति ने परिवार की बेचैनी और बढ़ा दी।


18 अगस्त को शुरू हुई थी यात्रा

कानपुर के पीरोड निवासी प्रवीन द्विवेदी के अनुसार, परिवार के तीनों सदस्य 18 अगस्त को यात्रा के लिए रवाना हुए थे। 19 अगस्त को दिल्ली पहुंचने के बाद वे 20 अगस्त को काठमांडू पहुंचे। वहां पशुपतिनाथ मंदिर के दर्शन के बाद उन्होंने कैलाश मानसरोवर यात्रा का अगला पड़ाव शुरू किया। यात्रा के दौरान परिवार लगातार फोन और वीडियो कॉल के जरिए संपर्क में था। किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ दिनों बाद अचानक संपर्क पूरी तरह टूट जाएगा।

शाम 4:30 बजे हुई बात, रात में फोन हुआ बंद

परिजनों के मुताबिक, 25 अगस्त की शाम करीब 4:30 बजे आखिरी बार वीडियो कॉल पर बातचीत हुई थी। उस समय यात्रियों ने बताया था कि वे तिब्बत बॉर्डर के पास हैं और आगे की यात्रा कर रहे हैं। लेकिन रात करीब 8 बजे जब परिजनों ने दोबारा संपर्क करने की कोशिश की तो फोन नहीं लगा। इसके बाद लगातार कॉल किए गए, मैसेज भेजे गए और अन्य माध्यमों से जानकारी जुटाने का प्रयास किया गया, लेकिन अब तक तीनों से कोई संपर्क स्थापित नहीं हो सका।

प्राकृतिक आपदा की खबरों ने बढ़ाया डर

नेपाल के कई इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन की खबरों के बीच संपर्क टूटने से परिजन किसी अनहोनी की आशंका से सहमे हुए हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में खराब मौसम और प्रभावित संचार व्यवस्था के कारण भी परिवार को सही जानकारी नहीं मिल पा रही है। परिजनों का कहना है कि चार दिन से घर में हर किसी की नजर मोबाइल फोन पर टिकी हुई है। एक फोन कॉल या किसी सूचना के इंतजार में परिवार के सदस्य लगातार अधिकारियों से संपर्क कर रहे हैं।

PMO और आपदा प्रबंधन विभाग से मांगी मदद

जब अपने स्तर पर लगातार प्रयास के बाद भी कोई जानकारी नहीं मिली तो परिवार ने 28 अगस्त को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और आपदा प्रबंधन विभाग को मामले की जानकारी दी। परिजनों ने मांग की है कि नेपाल-तिब्बत सीमा के आसपास संबंधित एजेंसियों के जरिए तीनों भारतीय यात्रियों की तलाश कराई जाए। परिवार को प्रशासनिक स्तर पर जानकारी जुटाने और कोई आधिकारिक सूचना मिलने पर तत्काल अवगत कराने का आश्वासन दिया गया है।

कानपुर में अपनों की सलामती की दुआ

चार दिनों से संपर्क टूटने के बाद कानपुर में परिवार का हर सदस्य बेचैन है। कैलाश मानसरोवर की आस्था भरी यात्रा पर निकले अपनों की सलामती के लिए घर में दुआएं की जा रही हैं। अब परिवार को सिर्फ उस एक खबर का इंतजार है, जिसका वे बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं तीनों सुरक्षित हैं और जल्द उनसे संपर्क हो जाएगा।

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Ashutosh Mishra "Rudra"

आशुतोष मिश्र 'रुद्र' पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता क्षेत्र में सक्रिय हैं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री के साथ-साथ एलएलबी डिग्री धारक हैं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत वर्ष 2006 में पंजाब केसरी दिल्ली से हुई। इसके बाद दैनिक जागरण आई-नेक्स्ट कानपुर, अमर उजाला प्रकाशन कानपुर में उप-सम्पादक के पद पर करीब आठ वर्ष सेवाएं दीं। अमर उजाला की ओर से वह उप्र राज्य सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग की ओर से उन्हें अधिमान्य पत्रकार की उपाधि प्राप्त हुई। आशुतोष मिश्र 'रुद्र' वर्तमान में INDIA NEWS 24x7 डिजिटल में सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। रुद्र नागरिक सुविधाओं और विकास से जुड़े विभागों में 'खोजी पत्रकारिता' के लिए विशेष तौर पर जाने जाते हैं। नगर निगम, विकास प्राधिकरण में भ्रष्टाचार एवं कई चर्चित घोटालों का उन्होंने खबरों के माध्यम से पर्दाफाश किया है। स्पष्ट एवं निष्पक्ष लेखन के कारण वह पत्रकारिता क्षेत्र में विशेष रूप से जाने जाते हैं।

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