

MP NEWS : मध्य प्रदेश सरकार ने आज 10 जनवरी 2026 को राज्यव्यापी ‘स्वच्छ जल अभियान’ की शुरुआत की है। यह अभियान पूरे प्रदेश में पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, जल संरक्षण और जल सुरक्षा पर केंद्रित है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री प्रहलाद पटेल भी मौजूद रहे।
इस अभियान की सबसे खास बात आधुनिक तकनीक का उपयोग है। पाइपलाइनों में लीकेज और दूषित पानी के मिश्रण को रोकने के लिए जीआईएस (भौगोलिक सूचना प्रणाली) आधारित मैपिंग की जाएगी। पूरे प्रदेश में पेयजल पाइपलाइनों की जांच के लिए रोबोट का इस्तेमाल किया जाएगा। ये रोबोट लीकेज और इंटर-पॉइंट सेक्शन की तलाश करेंगे। सभी वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट और ओवरहेड टंकियों की सफाई की निगरानी जीआईएस मैप आधारित विशेष एप्लिकेशन के जरिए की जाएगी। सीवेज और पेयजल पाइपलाइनों की अलग-अलग मैपिंग तैयार की जाएगी और जहां क्रॉस-कनेक्शन के संवेदनशील बिंदु होंगे, उन्हें चिह्नित किया जाएगा।
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अभियान दो चरणों में चलाया जाएगा।
पहला चरण – 10 जनवरी 2026 से 28 फरवरी 2026 तक
दूसरा चरण – 1 मार्च 2026 से 31 मई 2026 तक
यह अभियान हाल ही में इंदौर के भागीरथपुरा कांड के बाद शुरू किया गया है, जहां ड्रेनेज और पेयजल पाइपलाइन के क्रॉस-कनेक्शन के कारण दूषित पानी से बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए और कई लोगों की मौत हो गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अब ऐसी किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। तकनीक, नियमित जांच, त्वरित सुधार और जन-भागीदारी के माध्यम से मध्य प्रदेश में हर घर तक शुद्ध और सुरक्षित पेयजल पहुंचाने का संकल्प लिया गया है। यह पहल जल-जनित बीमारियों से बचाव के साथ-साथ जल संरक्षण को भी बढ़ावा देगी।






