KANPUR NEWS। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आह्वान पर रविवार को चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन किया गया। इसी क्रम में कानपुर में भी सपा कार्यकर्ता जिला मुख्यालय पर जुटे और चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने पहले राष्ट्रगान गाया, फिर इसके बाद चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पोस्टर फूंका। पोस्टर पर चप्पलें भी चलाई गईं।
पुतला छीनने पर पुलिस से धक्का-मुक्की
प्रदर्शन के दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंकने का प्रयास किया। पुलिस ने कार्यकर्ताओं से पुतला छीन लिया। जिसके बाद सपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की और झड़प की स्थिति बन गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया, जबकि कार्यकर्ता पुतला लेकर प्रदर्शन करने पर अड़े रहे। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने कार्यकर्ताओं से पुतला छीन लिया, लेकिन इसी दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने पोस्टर में आग लगा दी ।
अस्थि कलश लेकर पहुंचे कार्यकर्ता
प्रदर्शन के दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने अनोखे तरीके से भी विरोध दर्ज कराया। कुछ कार्यकर्ता हाथों में अस्थि कलश लेकर पहुंचे, जिन पर चुनाव आयोग का नाम लिखा था। इसके जरिए कार्यकर्ताओं ने चुनावी व्यवस्था और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ अपना आक्रोश जताया। साथ ही हाँथो में कलश लेकर जमकर केंद्र की व यूपी की भाजपा सरकार पर निशाना साधा ।
सपा नेता बोले- वोट चोरी कर भाजपा को फायदा पहुंचाया
सपा नगर अध्यक्ष फजल महमूद, कैंट विधायक हसन रूमी, पूर्व विधायक इरफ़ान सोलंकी समेत सैकड़ो सपा नेताओं ने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में ‘वोट चोरी’ कर भाजपा की सरकार बनवाने का काम किया गया। नेताओं ने कहा कि चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर जनता के बीच लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं और इसी के विरोध में पार्टी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे हैं।
पोस्टर पर चप्पलें बरसाईं, लगाए नारे
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयुक्त के पोस्टर को निशाना बनाते हुए उस पर चप्पलें चलाईं और जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं का कहना था कि लोकतंत्र में चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता सबसे महत्वपूर्ण है। यदि मतदाताओं के अधिकार और वोट की पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं तो इसका विरोध किया जाएगा। आगे प्रदर्शन में शामिल सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि प्रदेश की जनता में भाजपा सरकार और चुनावी व्यवस्था को लेकर भारी आक्रोश है। उन्होंने कहा कि आगामी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सपा गठबंधन की जीत होगी। इसके साथ ही 2029 के लोकसभा चुनाव में केंद्र की मोदी सरकार को सत्ता से बाहर करने का भी दावा किया गया।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। कार्यकर्ताओं को नियंत्रित करने और पुतला फूंकने से रोकने को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई बार तनातनी की स्थिति बनी। इसके बावजूद सपा कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग और चुनाव आयुक्त के खिलाफ अपना विरोध जारी रखा।
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