उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री की फ़टकार के बाद ताबड़तोड़ एक्शन: सुबह नगर आयुक्त, दोपहर में पुलिस कमिश्नर की कार्रवाई; नगर निगम टेंडर घोटाले में 6 मुकदमें दर्ज, 2 गिरफ्तार

कानपुर नगर निगम में ठेकों को प्रभावित करने और ठेकेदारों पर दबाव बनाने के मामले में कानपुर पुलिस द्वारा 6 मुकदमे दर्ज किए गए है, जिसमे दो आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है जबकि अन्य फरार है, इस दौरान कथित सरगना की लोकेशन राजस्थान में मिली है जिसका नाम गोविंद शर्मा बताया जा रहा है । 100 करोड़ के टेंडर निरस्त किए गए है, वहीं 7 फर्मे ब्लैक लिस्ट हुई है ।

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KANPUR NEWS। सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ की फटकार के बाद कानपुर नगर निगम में अवैध वसूली, डराने धमकाने और ठेकों में अनियमितता के मामले में नगर आयुक्त के बाद अब कानपुर पुलिस एक्शन मोड़ में आ गयी है, मामले में पुलिस की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। पुलिस के मुताबिक प्रकरण में अब तक कुल छह अभियोग पंजीकृत किए जा चुके हैं। जिसमें दो आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है, जबकि आरोपी गोविंद शर्मा फरार है। पुलिस को उसकी लोकेशन राजस्थान में मिली है और जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित करने की बात कही गई है।


ठेकों को प्रभावित करने और अवैध वसूली के सामने आए तथ्य

पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि जांच के दौरान नगर निगम के ठेकों को प्रभावित करने, ठेकेदारों पर दबाव बनाने और अवैध वसूली से जुड़े तथ्य सामने आए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम की पुरानी ठेका प्रक्रिया को समाप्त कर लंबित और आगामी कार्यों के लिए ऑनलाइन ई-टेंडरिंग व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया गया है। जांच के दौरान करीब 100 करोड़ रुपये के टेंडर निरस्त किए गए हैं। इन कार्यों के लिए अब जल्द ही दोबारा टेंडर प्रक्रिया शुरू यानी रिटेंडरिंग कराई जाएगी। इसका उद्देश्य टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना और किसी भी तरह के दबाव या अनियमितता की संभावना को रोकना है।


फर्मों और बैंक खातों की भी जांच

मामले में पुलिस संबंधित फर्मों, बैंक खातों और उनके बीच हुए वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर रही है। जांच के आधार पर करीब सात फर्मों को ब्लैकलिस्ट किया गया है। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि अवैध वसूली और ठेकों में गड़बड़ी के पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं।


अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में

पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया कि मामले में नगर निगम के अधिकारियों की संभावित संलिप्तता की भी जांच की जाएगी। यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका सामने आती है और वह दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने कहा कि मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति के अनुरूप इस पूरे प्रकरण में निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले प्रत्येक तथ्य के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



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Ashutosh Mishra "Rudra"

आशुतोष मिश्र 'रुद्र' पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता क्षेत्र में सक्रिय हैं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री के साथ-साथ एलएलबी डिग्री धारक हैं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत वर्ष 2006 में पंजाब केसरी दिल्ली से हुई। इसके बाद दैनिक जागरण आई-नेक्स्ट कानपुर, अमर उजाला प्रकाशन कानपुर में उप-सम्पादक के पद पर करीब आठ वर्ष सेवाएं दीं। अमर उजाला की ओर से वह उप्र राज्य सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग की ओर से उन्हें अधिमान्य पत्रकार की उपाधि प्राप्त हुई। आशुतोष मिश्र 'रुद्र' वर्तमान में INDIA NEWS 24x7 डिजिटल में सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। रुद्र नागरिक सुविधाओं और विकास से जुड़े विभागों में 'खोजी पत्रकारिता' के लिए विशेष तौर पर जाने जाते हैं। नगर निगम, विकास प्राधिकरण में भ्रष्टाचार एवं कई चर्चित घोटालों का उन्होंने खबरों के माध्यम से पर्दाफाश किया है। स्पष्ट एवं निष्पक्ष लेखन के कारण वह पत्रकारिता क्षेत्र में विशेष रूप से जाने जाते हैं।

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