उत्तर प्रदेश

विश्व आईवीएफ दिवस 2025: आस्था आईवीएफ सेंटर, कानपुर में “वॉक ऑफ द होप” और निशुल्क कैंप का आयोजन

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■ रिपोर्ट : दीपक कुमार कानपुर 

कानपुर, विश्व आईवीएफ दिवस (25 जुलाई) के अवसर पर आस्था आईवीएफ एंड इनफर्टिलिटी सेंटर, पांडू नगर, कानपुर द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस मौके पर केंद्र की ओर से “वॉक ऑफ द होप” और “एक पेड़ बच्चे और मां के नाम” अभियान के तहत जागरूकता रैली और वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित होगा। साथ ही, निसंतान दंपतियों के लिए निशुल्क परामर्श और जांच कैंप भी लगाया जाएगा।

काकादेव स्थित आस्था आईवीएफ सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता में केंद्र की निदेशक और वरिष्ठ आईवीएफ विशेषज्ञ डॉ. आस्था सिंह ने कार्यक्रम की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि 25 जुलाई को सुबह लाजपत भवन से मोती झील तक “वॉक ऑफ द होप” जागरूकता रैली निकाली जाएगी, जिसमें निसंतान दंपति, चिकित्सक और सामाजिक कार्यकर्ताओं सहित शहरवासी हिस्सा लेंगे। रैली के समापन पर मोती झील पर “एक पेड़ बच्चे और मां के नाम” अभियान के तहत वृक्षारोपण किया जाएगा, जो पर्यावरण संरक्षण और नवजात शिशुओं के उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक होगा।


डॉ. आस्था सिंह ने बताया कि विश्व आईवीएफ दिवस के उपलक्ष्य में आस्था आईवीएफ सेंटर पर निशुल्क परामर्श कैंप का आयोजन किया जाएगा। इस कैंप में निसंतान दंपतियों को आईवीएफ (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) और इनफर्टिलिटी उपचार से संबंधित सभी जानकारी विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, कई आवश्यक जांच जैसे हार्मोनल टेस्ट, अल्ट्रासाउंड आदि भी निशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे।

डॉ. सिंह ने कहा, “आईवीएफ तकनीक निसंतान दंपतियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। हमारा उद्देश्य इस तकनीक के बारे में जागरूकता फैलाना और आर्थिक रूप से कमजोर दंपतियों तक इसकी पहुंच सुनिश्चित करना है। हमारे सेंटर पर अब तक सैकड़ों दंपतियों को संतान सुख प्राप्त हो चुका है, और हम इस अभियान को और व्यापक करना चाहते हैं।”

प्रेस वार्ता में डॉ. आस्था सिंह ने आईवीएफ की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान ने उन दंपतियों के सपनों को साकार किया है, जो प्राकृतिक रूप से माता-पिता बनने में असमर्थ थे। उन्होंने बताया कि आस्था आईवीएफ सेंटर अत्याधुनिक तकनीकों और अनुभवी चिकित्सकों की टीम के साथ निसंतान दंपतियों को संतान सुख प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। केंद्र में उपचार की उच्च सफलता दर ने इसे क्षेत्र में एक विश्वसनीय नाम बनाया है।


“वॉक ऑफ द होप” के बाद मोती झील पर आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में प्रतिभागी प्रत्येक पेड़ को नवजात शिशु और मां के नाम समर्पित करेंगे। यह अभियान न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक कदम है, बल्कि उन परिवारों के लिए भी एक भावनात्मक संदेश है, जो संतान सुख की आशा में हैं। डॉ. सिंह ने कहा, “हर पेड़ जीवन और आशा का प्रतीक है, ठीक वैसे ही जैसे आईवीएफ हर निसंतान दंपति के लिए नई उम्मीद लेकर आता है।”

डॉ. आस्था सिंह ने शहरवासियों से “वॉक ऑफ द होप” और वृक्षारोपण कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह आयोजन न केवल निसंतान दंपतियों के लिए प्रेरणादायक होगा, बल्कि समाज में इनफर्टिलिटी से जुड़े मिथकों को तोड़ने में भी मदद करेगा।

आस्था आईवीएफ एंड इनफर्टिलिटी सेंटर पिछले कई वर्षों से कानपुर और आसपास के क्षेत्रों में निसंतान दंपतियों की सेवा कर रहा है। केंद्र की अत्याधुनिक सुविधाएं, अनुभवी चिकित्सक और रोगी-केंद्रित दृष्टिकोण इसे इनफर्टिलिटी उपचार के क्षेत्र में अग्रणी बनाते हैं। विश्व आईवीएफ दिवस के इस आयोजन से केंद्र का सामाजिक दायित्व और जागरूकता के प्रति प्रतिबद्धता और सुदृढ़ होती है।


           आयोजन विवरण

तारीख: 25 जुलाई 2025
– कार्यक्रम: वॉक ऑफ द होप (लाजपत भवन से मोती झील)
– वृक्षारोपण: मोती झील, “एक पेड़ बच्चे और मां के नाम”
– निशुल्क कैंप: आस्था आईवीएफ सेंटर, पांडू नगर, कानपुर
– संपर्क: आस्था आईवीएफ सेंटर, काकादेव, कानपु


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