पाकिस्तानी सेना और सिंध पुलिस आमने-सामने

Time to write @

- Advertisement -

अकसर विवादों में रहने वाली पाकिस्तानी सेना इस बार अपने ही घर में निहाने पर है, बताते चले शुक्रवार को एक सेवारत अधिकारी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस और पाक सेना के जवान आमने-सामने नज़र आ रहे है, ऐसे में ईद के दिन यह मुद्दा सभी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना रहा, गौरतलब है कि मदरसा पुलिस से स्टेशन हाउस अधिकारी समेत चार कर्मियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार हुए सभी लोगों पर एक व्यक्ति और उसके दो बेटों के अधिकार के दुरुपयोग का आरोप है, इस मामले ने तूल पकड़ाता देख एक अन्य पुलिसकर्मी मारूट पुलिस एसएचओ को निष्कासित कर दिया गया। साथ ही सोशल मीडिया पर गलत सूचना प्रसारित करने के लिए उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई है। गौरतलब है कि 10 अप्रैल को मदरसा पुलिस थाने में इंस्पेक्टर सैफुल्लाह हनीफ की शिकायत पर दर्ज की गई एफआईआर में कहा गया है कि पूर्व एसआई/एसएचओ रिजवान अब्बास, एएसआई मोहम्मद नईम, कांस्टेबल मोहम्मद अब्बास और अली रजा ने मोहम्मद खलील और मोहम्मद इदरीस और उनके पिता मोहम्मद अनवर को अरेस्ट किया, जिन्हें 8 अप्रैल को दर्ज हुई एफआईआर में नामजद किया गया था, आरोपी पुलिसकर्मियों ने उन्हें मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने के बजाए 24 घंटे से अधिक समय तक थाने में हिरासत में रखा।

सूत्रों के अनुसार एएसआई नईम और थानेदार रिजवान अब्बास ने सात अप्रैल को चक सरकारी निवासी मोहम्मद अनवर के बेटे रफाकत को बिना लाइसेंस की पिस्तौल रखने के आरोप में अरेस्ट करने के लिए उसके घर पर छापेमारी की थी।

अन्य भाषा में पढ़े :

अन्य खबरें

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related articles

पत्थर पर विकास, जमीन पर धोखा’ 71 वर्षीय किडनी पेशेंट बुजुर्ग ने CM से मांगा इंसाफ

  © रिपोर्ट : आशुतोष मिश्रा "रुद्र" - विशेष संवाददाता कानपुर KANPUR NAGAR NIGAM NEWS : उम्र 71 साल, दोनों...

KANPUR NEWS “चावल को बनाया हल्दी, रंग से रची मिलावट की साजिश; एफएसडीए ने पकड़ा 5.86 लाख का स्टॉक”

Kanpur Milawati Haldi News : पनकी स्थित एक मसाला निर्माण इकाई पर एफएसडीए की छापेमारी में चावल के...

मेरठ में कांवड़ियों की भीड़ ने जीप से निकालकर दो युवकों को पीटा, वायरल वीडियो पर पुलिस ने किया बड़ा खुलासा

पुलिसकर्मियों की पिटाई का दावा निकला गलत, बाइक की टक्कर से कांवड़ खंडित होने के बाद हुआ था...