

रिपोर्ट @ कुलदीप सिंह भदौरिया
कानपुर के दीन दयाल पुरम स्थित किड्स वंडरलैंड स्कूल में हाल ही में आयोजित भव्य एनुअल डे कार्यक्रम “आगाज 3” ने अभिभावकों और अतिथियों का दिल जीत लिया। इस कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने पूरे स्थल को जादुई और रंगीन बना दिया। बच्चों ने अपनी ऊर्जा और उत्साह से मंच पर ऐसी परफॉर्मेंस दीं कि दर्शक तालियां बजाते-बजाते थक गए।

कार्यक्रम में विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियां शामिल रहीं, जिनमें वैजिटेबल सॉन्ग, पंजाबी, हरियाणवी, राजस्थानी, भांगड़ा और कव्वाली जैसी आकर्षक डांस परफॉर्मेंस ने सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया। भारतीय संस्कृति को दर्शाती प्रस्तुतियां विशेष रूप से यादगार रहीं, जैसे शिव तांडव, काली तांडव और राधा-कृष्ण की मनोरम झांकी, जिन्होंने सबके हृदय को छू लिया। देशभक्ति से ओतप्रोत “ऑपरेशन सिंदूर” ने माहौल को गर्व से भर दिया, जबकि ओल्ड एज होम पर आधारित भावुक प्रस्तुति ने कई अभिभावकों की आंखों में आंसू ला दिए। एक के बाद एक ऐसी शानदार परफॉर्मेंस ने स्कूल प्रबंधन की मेहनत की जमकर सराहना कराई।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन से हुई, जिसमें स्कूल के संस्थापक श्री शशिकांत मिश्रा (बाबू मिश्रा), सेक्रेटरी रजत मिश्रा (प्रांजुल), प्रधानाचार्या डॉ. आरती सिंह, डॉ. राम नरेश सिंह चौहान और विशिष्ट अतिथि गुरु जी ने भाग लिया।

प्रधानाचार्या डॉ. आरती सिंह ने कहा कि यहां शिक्षा को केवल कमाई का साधन नहीं, बल्कि संस्कारों का स्रोत माना जाता है। सेक्रेटरी रजत मिश्रा ने बताया कि वे बच्चों को डिग्री के साथ-साथ संस्कारों से भी सींचते हैं, ताकि उनका भविष्य सही दिशा में आगे बढ़े। प्रोफेसर सौम्या मिश्रा ने जोर दिया कि स्टाफ बच्चों को अपना ही बच्चा मानकर पढ़ाता है और जल्द स्कूल को इंटरमीडिएट स्तर तक विस्तारित कर बच्चों की पूरी जिम्मेदारी निभाएगा। उनका उद्देश्य हर बच्चे को उच्च स्तरीय शिक्षा प्रदान करना है।

यह कार्यक्रम न केवल बच्चों की प्रतिभा का मंच साबित हुआ, बल्कि शिक्षा और संस्कारों के संतुलन का जीता-जागता उदाहरण भी प्रस्तुत किया। अभिभावकों ने स्कूल की इस पहल की खूब प्रशंसा की और कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।






