KANPUR NEWS। वार्ड-14 में बदहाल सफाई व्यवस्था को लेकर नगर निगम के खिलाफ चल रहा विरोध प्रदर्शन रविवार को चौथे दिन भी जारी रहा। पार्षद शालू सुनील कनौजिया और पूर्व पार्षद सुनील कनौजिया के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिलाओं ने सड़क पर उतरकर नगर निगम के खिलाफ प्रदर्शन किया। हाथों में गृहकर की प्रतियां लेकर पहुंचीं महिलाओं ने सफाई व्यवस्था को लेकर जमकर नारेबाजी की और “सफाई नहीं तो टैक्स नहीं” का नारा बुलंद किया।
प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने जुलूस निकालकर क्षेत्र की समस्याओं को सामने रखा। उनका कहना था कि वार्ड के कई हिस्सों में नियमित सफाई नहीं हो रही है। सड़कों और गलियों में जगह-जगह कूड़े के ढेर दिखाई दे रहे हैं, जबकि नालियों की सफाई भी समय पर नहीं होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम से तत्काल सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की।
सफाई व्यवस्था को लेकर पार्षद ने अधिकारियों को घेरा
पार्षद शालू सुनील कनौजिया ने नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि वार्ड में सफाई कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित नहीं हो पा रही है। कर्मचारियों के आने-जाने का समय भी निर्धारित नहीं है, जिसके कारण सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। पार्षद का कहना है कि क्षेत्र की समस्याओं को लेकर नगर निगम के अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन शिकायतों के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने अधिकारियों से सफाई व्यवस्था की निगरानी बढ़ाने और लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों व जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। पार्षद ने व्यवस्था में भ्रष्टाचार की आशंका का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की जांच की भी मांग उठाई।
ओ ब्लॉक सब्जी मंडी की बदहाली का मुद्दा भी उठा
प्रदर्शन के दौरान किदवई नगर स्थित ओ ब्लॉक सब्जी मंडी की स्थिति का मामला भी सामने आया। पूर्व पार्षद सुनील कनौजिया ने बताया कि वर्ष 2021 में यह क्षेत्र कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) से नगर निगम को हस्तांतरित किया गया था। उनके अनुसार, हस्तांतरण के दौरान करीब 9.20 करोड़ रुपये की धनराशि भी नगर निगम को दी गई थी। पूर्व पार्षद ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद कई वर्षों बाद भी खाली पड़ी बीटों पर पर्याप्त सफाई कर्मचारियों की तैनाती नहीं हो सकी है। उनका कहना है कि जिम्मेदारी नगर निगम के पास आने के बाद क्षेत्र के लोगों को बेहतर सफाई व्यवस्था मिलने की उम्मीद थी, लेकिन जमीनी स्थिति में अपेक्षित बदलाव नहीं आया।
टैक्स वसूली पर उठाया बड़ा सवाल
नगर निगम की टैक्स वसूली को लेकर भी प्रदर्शनकारियों ने सवाल खड़े किए। पूर्व पार्षद के मुताबिक, भवन स्वामियों से पहले भी टैक्स लिया जाता रहा और नगर निगम के पास जिम्मेदारी आने के बाद भी टैक्स वसूली जारी रही। उनका सवाल है कि जब नागरिकों से नियमित रूप से टैक्स लिया जा रहा है तो उन्हें मूलभूत सफाई सुविधा क्यों नहीं मिल रही, सुनील कनौजिया ने कहा कि इस मुद्दे को अब कानूनी स्तर पर ले जाने की तैयारी है। उन्होंने ओ ब्लॉक सब्जी मंडी के भवन स्वामियों से नगर निगम द्वारा लिए गए टैक्स की वापसी की मांग को लेकर उच्च न्यायालय जाने की बात कही।
चौथे दिन भी जारी रहा विरोध
पार्षद ने कहा कि आंदोलन केवल प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहेगा। जब तक वार्ड में सफाई व्यवस्था में सुधार, कूड़े का नियमित उठान, नालियों की सफाई और पर्याप्त सफाई कर्मचारियों की तैनाती नहीं होती, तब तक नगर निगम के खिलाफ विरोध जारी रहेगा।
प्रदर्शन में सौम्या वर्मा, शर्मीला, कल्पना, रेखा देवी, मीना, मीरा, सीमा, सुमन, पूनम, रेनू, गायत्री, शशिकला, शिवानी मुल्लन, बिट्टन समेत बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल रहीं। महिलाओं ने नगर निगम से मांग की कि वार्ड की सफाई व्यवस्था को प्राथमिकता के आधार पर सुधारा जाए और नियमित सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।



