उत्तर प्रदेश

टेक्सटाइल कारोबार को मिलेगा नया ठिकाना: जमीन उपलब्ध, अब टेक्सटाइल पार्क की तैयारी; 11 हजार करोड़ के निर्यात को मिलेगी नई रफ्तार

यूपी टेक्स-2026 के रोड शो में मंत्री राकेश सचान का बड़ा ऐलान, बोले- गारमेंट और रेडीमेड होजरी उद्योग के विस्तार की अपार संभावनाएं !

Share

KANPUR NEWS। शहर के पुराने टेक्सटाइल कारोबार को नई पहचान देने की तैयारी शुरू हो गई है। कानपुर में टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने के लिए जमीन उपलब्ध हो गई है और अब इस योजना को आगे बढ़ाने की कवायद तेज कर दी गई है। बुधवार को होटल लैंडमार्क में आयोजित यूपी टेक्स-2026 के रोड शो में खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कानपुर में टेक्सटाइल उद्योग की मजबूत नींव पहले से मौजूद है। यहां कुशल श्रमिक, अनुभवी कारोबारी और बड़ा बाजार है। ऐसे में टेक्सटाइल पार्क विकसित होने से गारमेंट और रेडीमेड होजरी उद्योग को बड़े स्तर पर विस्तार का अवसर मिलेगा। इससे नए निवेश के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ने की उम्मीद है।



मंत्री राकेश सचान ने बताया कि प्रदेश में टेक्सटाइल सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए कई परियोजनाओं पर काम चल रहा है। लखनऊ-हरदोई क्षेत्र में करीब 1000 एकड़ में पीएम मित्र पार्क विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा प्रदेश में पांच संत कबीर टेक्सटाइल पार्क विकसित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में कानपुर में भी टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने की योजना बनाई गई है। इसके लिए भूमि उपलब्ध होने के बाद परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।



कानपुर की टेक्सटाइल क्षमता का अंदाजा यहां से होने वाले निर्यात से लगाया जा सकता है। मंत्री के मुताबिक, कानपुर से गारमेंट सेक्टर में 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात हो रहा है। सरकार का मानना है कि इस मजबूत आधार का इस्तेमाल कर शहर में रेडीमेड होजरी और गारमेंट उद्योग को और बड़े पैमाने पर विकसित किया जा सकता है। टेक्सटाइल पार्क इस पूरे उद्योग को एक संगठित मंच देने में अहम भूमिका निभा सकता है। कार्यक्रम में बंद पड़ी टेक्सटाइल इकाइयों का मुद्दा भी सामने आया। राकेश सचान ने कहा कि ऐसी इकाइयों से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए सरकार प्रयास कर रही है। उद्देश्य पुरानी औद्योगिक क्षमता को दोबारा सक्रिय करने के साथ नई इकाइयों में निवेश को बढ़ावा देना है।



सरकार की उत्तर प्रदेश टेक्सटाइल एवं गारमेंटिंग पॉलिसी-2022 के तहत निवेशकों को कई प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। इसमें स्टांप ड्यूटी में 100 प्रतिशत तक छूट, 25 से 35 प्रतिशत तक पूंजीगत अनुदान और ब्याज पर 60 प्रतिशत तक अनुदान समेत कई सुविधाएं शामिल हैं। सरकार का फोकस निवेश के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर है। मंत्री ने उद्यमियों से 8 और 9 सितंबर को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में होने वाले यूपी टेक्स-2026 में भाग लेने की अपील की।



आयुक्त एवं निदेशक, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग निदेशालय के. विजयेन्द्र पाण्डियन ने कहा कि कानपुर में टेक्सटाइल और गारमेंट उद्योग के लिए मजबूत आधारभूत ढांचा, कुशल मानव संसाधन और बड़ा बाजार मौजूद है। रोड शो में सीआईआई और टेक्सटाइल उद्योग से जुड़े उद्यमियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान प्रदेश की नीतियों, सरकारी प्रोत्साहनों और नई औद्योगिक इकाइयों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

ये भी पढ़ें : प्रॉपर्टी डीलर के ऑफिस में सजी जुए की महफिल, पुलिस की रेड में सात गिरफ्तार, 2.60 लाख कैश बरामद


 

india News 24x7

More from this author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enable Notifications OK No thanks