उत्तर प्रदेश

कानपुर में विश्व मधुमेह दिवस पर भव्य वॉकाथॉन: 60 से अधिक चिकित्सकों ने लिया हिस्सा, थीम “मधुमेह और कल्याण” पर जोर

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@Report Amit Gupta Kanpur

कानपुर : विश्व मधुमेह दिवस के अवसर पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) कानपुर शाखा और कानपुर डायबिटीज एसोसिएशन (केडीए) के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार सुबह एक विशाल “वॉकाथॉन 2025” का आयोजन किया गया। आईएमए कानपुर शाखा भवन, परेड से प्रारंभ हुई यह पदयात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए बड़ा चौराहा पहुंची और पुनः आईएमए परिसर में संपन्न हुई। कार्यक्रम में 60 से अधिक चिकित्सकों के साथ-साथ स्थानीय नागरिक, युवा, बुजुर्ग और स्वास्थ्य प्रेमी शामिल हुए, जिसने इसे एक जन-आंदोलन का स्वरूप प्रदान किया। इस वर्ष की थीम “मधुमेह और कल्याण (Diabetes and Wellbeing)” पर केंद्रित इस आयोजन का उद्देश्य केवल मधुमेह की रोकथाम तक सीमित नहीं था, बल्कि समग्र स्वास्थ्य, मानसिक कल्याण और जीवनशैली में सकारात्मक परिवर्तन लाने पर भी बल दिया गया। चिकित्सकों ने स्लोगन, बैनर और पोस्टर्स के माध्यम से संदेश दिया कि “स्वास्थ्य केवल बीमारी से मुक्त होना नहीं, बल्कि शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से पूर्ण कल्याण है।”


वॉकाथॉन का शुभारंभ और मार्ग

सुबह 7 बजे आईएमए भवन के प्रांगण में एकत्रित प्रतिभागियों ने तख्तियों पर लिखे संदेशों के साथ पदयात्रा शुरू की। मार्ग में “नियमित व्यायाम करें, मधुमेह भगाएं, मीठा कम, जीवन लंबा, जांच समय पर, जीवन सुरक्षित जैसे नारे गूंजते रहे। पदयात्रा परेड चौराहा, मॉल रोड, घंटाघर होते हुए बड़ा चौराहा पहुंची, जहां स्थानीय लोगों ने तालियां बजाकर उत्साहवर्धन किया। वापसी में सभी प्रतिभागी आईएमए परिसर लौटे, जहां समापन समारोह आयोजित हुआ।


चिकित्सकों का संदेश

कार्यक्रम में मौजूद वरिष्ठ चिकित्सकों ने मधुमेह को ‘साइलेंट किलर’ बताते हुए कहा कि भारत में हर 10 में से 1 व्यक्ति मधुमेह से पीड़ित है और कानपुर जैसे औद्योगिक शहरों में तनाव, अनियमित खानपान और कम शारीरिक गतिविधि के कारण यह संख्या तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने बताया स्वस्थ खानपान, नियमित व्यायाम और समय-समय पर ब्लड शुगर जांच से मधुमेह को न केवल रोका जा सकता है, बल्कि मौजूदा मरीज इसे प्रभावी ढंग से नियंत्रित भी कर सकते हैं।


महिलाओं और युवाओं की सक्रिय भागीदारी

इस वॉकाथॉन में महिलाओं और युवाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही। कई गृहिणियों ने बताया कि वे घरेलू कामों में व्यस्त रहने के कारण स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं दे पातीं, लेकिन ऐसे आयोजन उन्हें प्रेरित करते हैं। वहीं कॉलेज छात्र-छात्राओं ने सोशल मीडिया पर लाइव अपडेट्स शेयर कर अभियान को डिजिटल प्लेटफॉर्म तक पहुंचाया।

आईएमए सचिव डॉ. शालिनी मोहन का बयान

डॉ. शालिनी मोहन, सचिव, आईएमए कानपुर शाखा ने कहा, “वॉकाथॉन जैसे सामुदायिक कार्यक्रम केवल जागरूकता नहीं फैलाते, बल्कि लोगों में सामूहिक जिम्मेदारी की भावना भी जगाते हैं। जनजागरूकता ही मधुमेह की रोकथाम की सबसे मजबूत नींव है। हमें खुशी है कि इस बार चिकित्सक और आमजन एक साथ कंधे से कंधा मिलाकर चले।”


उन्होंने आगे बताया कि आईएमए और केडीए मिलकर आने वाले दिनों में निःशुल्क मधुमेह जांच शिविर, स्कूलों में जागरूकता सत्र और कार्यस्थलों पर वेलनेस वर्कशॉप आयोजित करने की योजना बना रहे हैं। वॉकाथॉन के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि वे अपने परिवार, पड़ोस और कार्यस्थल पर मधुमेह जागरूकता फैलाएंगे। आयोजकों ने घोषणा की कि यह वॉकाथॉन अब कानपुर में हर वर्ष विश्व मधुमेह दिवस का स्थायी हिस्सा बनेगा और अगले वर्ष इसे और बड़े स्तर पर आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन न केवल मधुमेह के प्रति जागरूकता का प्रतीक बना, बल्कि एक स्वस्थ, सक्रिय और कल्याणकारी समाज की दिशा में एक मजबूत कदम भी साबित हुआ। कानपुरवासियों ने एक स्वर में कहा “मधुमेह को हराना है, तो जीवनशैली बदलना है!”

(रिपोर्ट: अमित गुप्ता, कानपुर संवाददाता)

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