

रिपोर्ट @ अनुराग श्रीवास्तव कानपुर
कानपुर: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर में चार दिवसीय टेक्नोलॉजी, रिसर्च, इनोवेशन और पॉलिसी समिट (TRIPS) 2025 का भव्य शुभारंभ हुआ। इस वर्ष हुआ ये “शोध, नवाचार और नीति के बीच सेतु – एक टिकाऊ भविष्य के लिए”, भारत को नवाचार और स्थिरता के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस समिट में देश-विदेश से प्रख्यात वैज्ञानिकों, नीति-निर्माताओं, शिक्षाविदों और उद्योग जगत के दिग्गजों ने हिस्सा लिया, जिनका साझा लक्ष्य भारत के टिकाऊ और समृद्ध भविष्य के लिए सामूहिक रणनीति विकसित करना है।
उद्घाटन समारोह: परंपरा और नवाचार का संगम : कार्यक्रम का शुभारंभ ब्लू वर्ल्ड कैसल में पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसमें आईआईटी कानपुर के उपनिदेशक प्रो. ब्रज भूषण और अन्य गणमान्य अतिथियों ने हिस्सा लिया। सरस्वती वंदना और लक्ष्मी वंदना ने समारोह को सांस्कृतिक गरिमा प्रदान की। अपने स्वागत भाषण में प्रो. ब्रज भूषण ने कहा, “TRIPS जैसे मंच विज्ञान, तकनीक और नीति-निर्माण के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने की क्षमता रखते हैं। यह आयोजन विचारों का संगम है, जो भविष्य की दिशा तय करने वाली नीतियों और नवाचारों को प्रेरित करेगा।” इस अवसर पर डिजिटल डिप्लोमेसी पोस्टर का लोकार्पण भी हुआ, और छात्र स्वयंसेवकों ने अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट किए। समिट के संरक्षक प्रो. मणींद्र अग्रवाल, निदेशक – IIT कानपुर, और अध्यक्ष प्रो. अशुतोष शर्मा, INSA के अध्यक्ष और संस्थान चेयर प्रोफेसर, ने इस आयोजन को दिशा प्रदान की।
प्रमुख वक्ताओं के विचार: भविष्य की राह : उद्घाटन सत्र में इंस्टिट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी, मुंबई के एमेरिटस प्रोफेसर प्रो. मनमोहन शर्मा ने वर्चुअल रूप से जुड़कर मौलिक शोध की महत्ता और रासायनिक उद्योग में उत्प्रेरण (कैटालिसिस) की भूमिका पर प्रकाश डाला। इसके बाद, पूर्व डीजी – CSIR और पूर्व सचिव – DSIR, डॉ. आर. ए. मशेलकर ने ‘विकसित भारत @100’ विषय पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने स्वास्थ्य, वैज्ञानिक प्रगति और सस्ती तकनीकों के माध्यम से भारत को वैश्विक मंच पर अग्रणी बनाने की दृष्टि प्रस्तुत की। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव डॉ. एम. रविचंद्रन ने भारत की प्रगति में पृथ्वी विज्ञान की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। वहीं, बीआरआईसी की गवर्निंग बॉडी के सदस्य और विदेशी मामलों के विशेषज्ञ डॉ. विजय चौथाइवाले ने वैश्विक परिप्रेक्ष्य में भारत की स्थिति पर विचार व्यक्त किए। सत्र के दौरान CGC समिट 2025 (13–14 सितंबर) की एक झलक भी वीडियो के माध्यम से प्रस्तुत की गई।
दोपहर सत्र: प्रेरणा और नवाचार : दोपहर के सत्र में InMobi की ग्लोबल SVP डॉ. सुबी चतुर्वेदी, AICTE के चेयरमैन प्रो. टी. जी. सीताराम (ऑनलाइन), और B.E.S.T इनोवेशन यूनिवर्सिटी, आंध्र प्रदेश की चांसलर डॉ. रूपा वासुदेवन ने अपने अनुभव साझा किए। वक्ताओं ने युवाओं को विज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। सत्र 1.1 में, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एस्ट्रोफिजिक्स की निदेशक प्रो. अन्नपूर्णी सुब्रमण्यम ने खगोल विज्ञान और तकनीकी नवाचार के बीच संबंधों पर प्रकाश डाला, जबकि IIT जोधपुर के निदेशक प्रो. अविनाश अग्रवाल ने मात्रभाषा इनिशिएटिव पर अपनी प्रस्तुति दी। सत्र 1.2 में, विज्ञान भारती के राष्ट्रीय आयोजन सचिव डॉ. शिवकुमार शर्मा और CSIR, राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान, लखनऊ के निदेशक डॉ. अजीत कुमार शासनी ने अपने क्षेत्रों में नवाचार और शोध पर विचार साझा किए।
आयोजन समिति: सामूहिक प्रयासों का परिणाम
समिट का नेतृत्व प्रो. योगेश एम. जोशी, प्रोफेसर – रसायन अभियांत्रिकी विभाग, IIT कानपुर, ने किया। उनके साथ प्रो. श्री शिवकुमार और डॉ. अखिलेश गुप्ता ने सह-संयोजक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रो. जे. रामकुमार, डॉ. संदीप पाटिल, प्रो. राहुल मंगल, डॉ. प्रभात द्विवेदी, प्रो. रबीब्रत मुखर्जी और प्रो. चंद्रशेखर शर्मा ने विभिन्न संस्थानों से मिलकर आयोजन को सफल बनाया। वैज्ञानिक सलाहकार समिति में प्रो. विनोद के. सिंह, प्रो. सच्चिदानंद त्रिपाठी और प्रो. संदीप वर्मा जैसे प्रख्यात प्रोफेसरों ने समिट की शैक्षणिक गुणवत्ता सुनिश्चित की। कोऑर्डिनेटर टीम में डॉ. प्रेरणा सिन्हा, श्री योगेश आर. जी. सिंह, श्री प्रशांत कुमार भार्गव और डॉ. सौरभ तोमर ने आयोजन को सुचारू रूप से संचालित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। TRIPS विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) के क्षेत्र में शोधकर्ताओं, नीति-निर्माताओं और उद्योग जगत को एक मंच पर लाकर टिकाऊ विकास को बढ़ावा देता है। यह समिट कॉरपोरेट R&D, इंडस्ट्री 4.0, स्मार्ट टेक्नोलॉजी, डिजिटल सस्टेनेबिलिटी और इंडस्ट्री–एकेडेमिया सहयोग जैसे विषयों पर विचार-विमर्श का केंद्र है। यह न केवल चर्चा का मंच है, बल्कि नीतियों और शोध को जोड़ने वाला सेतु भी है।
IIT कानपुर: नवाचार का केंद्र
1959 में स्थापित, IIT कानपुर को भारत सरकार ने “राष्ट्रीय महत्व का संस्थान” घोषित किया है। 1,050 एकड़ के विशाल और हरे-भरे परिसर में फैला यह संस्थान विज्ञान, इंजीनियरिंग, डिजाइन, मानविकी और प्रबंधन के क्षेत्र में उत्कृष्ट शिक्षा और अनुसंधान के लिए जाना जाता है। 19 विभागों, 26 केंद्रों, तीन अंतरविषयक प्रोग्रामों और तीन विशेष स्कूलों के साथ, IIT कानपुर में 590 से अधिक पूर्णकालिक शिक्षक और 9,500 से अधिक छात्र हैं। यह संस्थान नवाचार और शैक्षिक उत्कृष्टता का प्रतीक बना हुआ है।TRIPS 2025 न केवल एक सम्मेलन है, बल्कि भारत के टिकाऊ और नवाचारी भविष्य को आकार देने का एक सशक्त मंच है। यह आयोजन शोध, नीति और उद्योग के बीच सहयोग को बढ़ावा देकर भारत को वैश्विक मंच पर अग्रणी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
#TRIPS 2025: A confluence of innovation and policy at IIT Kanpur, the foundation of a sustainable future!