
रिपोर्ट : अनुज सावरकर – संवाददाता कानपुर
KANPUR : अक्सर आपने लोगों से सुना होगा कि नेता अक्सर वादे करते हैं और उन्हें भूल जाते हैं, लेकिन कानपुर के सांसद रमेश अवस्थी ने बीती 26 जनवरी को कानपुर के जवाहर नगर स्थित अंध विद्यालय के बच्चो से अपना किया हुआ एक वादा निभाया और उनका ये वादा निभाना अब देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ हैं ।
जानकारी के अनुसार बीती 26 जनवरी को कानपुर के सांसद जवाहर नगर स्थित अंध विद्यालय झण्डा रोहण के लिए मुख्यातिथि के तौर शामिल हुए थे । इस दौरान कार्यक्रम के बीच मे अंध विद्यालय के कुछ नेत्रहीन छात्रों ने सांसद रमेश अवस्थी से एक आग्रह किया था कि उन्हें संसद की कार्यवाही को महसूस करना है । उन्हने सांसद से कहा कि वो नेत्रहीन है, इस लिए वो कार्यवाही को देख तो सकते नही है, लेकिन वो संसद में होने वाली सत्र की चर्चा सुनकर महसूस कर सकते हैं कि देश कैसे और किस रूपरेखा से चलता है ।

नेत्रहीन बच्चों के संसद भ्रमण के आग्रह पर सांसद रमेश अवस्थी ने उन्हें आश्वासन दिया था कि वह अपने खर्च पर सभी बच्चों को लेकर संसद की कार्यवाही दिखवाने, तथा संसद भ्रमण करवाने के लिए जरूर लेकर जाएंगे।
इसी क्रम में आज सांसद रमेश अवस्थी द्वारा अपना वादा पूरा किया गया और दिल्ली में प्रवास होने तथा संसद की कार्यवाही में शामिल रहने की वजह से अंध विद्यालय की नेत्रहीन बच्चो से भरी 2 बसों को देर रात उनके पुत्र सचिन अवस्थी और शुभम अवस्थी के द्वारा झंडा दिखाकर रवाना किया गया। इस दौरान सांसद द्वारा उनके खाने पीने और रुकने का भी सम्पूर्ण इंतजाम भी किया गया । ऐसे में सभी नेत्रहीन बच्चे कल संसद में विजिटर गैलरी में बैठकर संसद की कार्यवाही विजिटर गैलरी से हेड फोन लगाकर सुनेंगे।
इस अवसर पर सांसद द्वारा फोन पर हुई वार्ता के दौरान सांसद रमेश अवस्थी ने मीडिया से कहा, “मैंने बच्चों को संसद में लाने का वादा किया था और आज मैं उस वादे को पूरा कर रहा हूं। यह बच्चे हमारे देश के भविष्य हैं और उन्हें संसद की कार्यवाही देखने का मौका मिलना चाहिए।”
इसके साथ ही विद्यालय के प्रिंसिपल इंदरजीत सिंह ने कहा कि सांसद जी द्वारा किया गया वादा इतनी जल्दी पूरा हो जाएगा ये मैंने नही सोचा था । बच्चों में बेहद खुशी का वातावरण है । उन्होंने आगे कहा कि उनके लिए बुधवार को संसद भ्रमण और सत्र में शामिल होना और भी ऐतिहासिक होगा, क्यों कि कल संसद में वक़्क संशोधन बिल प्रस्तुत किया जा रहा है । इस लिए इन बच्चो के लिए ये दिन और भी खास हो जाएगा ।
इस दौरान अंध विद्यालय के नेत्रहीन बच्चों ने सांसद रमेश अवस्थी को धन्यवाद दिया और कहा, “हमें संसद में जाने का मौका मिला है और यह हमारे लिए एक अद्भुत अनुभव होगा। इस यात्रा के दौरान, बच्चों को संसद की कार्यवाही के बारे में जानकारी दी जाएगी और उन्हें संसद के इतिहास और महत्व के बारे में बताया जाएगा।
अबतक के इतिहास में ये पहली बार होगा जब संसद के अंदर कुछ ऐसा नजारा देखने को मिलेगा, जब सैकड़ों नेत्रहीन बच्चें इस संसदीय कार्यवाही का हिस्सा होंगे । ऐसे में विद्यालय के शिक्षक और शिक्षिकाओं ने भी इस संसद भ्रमण के बारे में सांसद का धन्यवाद देते हुए कहा कि यह किसी सांसद द्वारा की जाने वाली एक अद्भुत पहल है जो बच्चों को संसद की कार्यवाही के बारे में जानने और समझने का मौका देगी।
