उत्तर प्रदेश

पांडु नदी में बाढ़ का कहर, कार बहने से दो दोस्तों की मौत: 24 घंटे बाद 200 मीटर दूर मिले शव; घर से निकले थे दोनों

सचेंडी के बचऊपुर में बाढ़ के पानी में टाटा पंच बही, मोबाइल बंद होने पर परिजनों ने दर्ज कराई थी गुमशुदगी, CCTV से मिला सुराग, गोताखोरों ने चलाया सर्च ऑपरेशन

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KANPUR NEWS : सचेंडी क्षेत्र में पांडु नदी का बढ़ा जलस्तर दो परिवारों की खुशियां निगल गया। सोमवार रात कार से निकले दो दोस्तों की तलाश मंगलवार को पांडु नहर में खत्म हुई। बचऊपुर गांव के पास बाढ़ के पानी में फंसी टाटा पंच कार बरामद होने के बाद पुलिस और गोताखोरों ने आसपास के इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया। करीब 24 घंटे तक चले रेस्क्यू के बाद कार से लगभग 200 मीटर दूर दोनों युवकों के शव बरामद किए गए। मृतकों की पहचान सुरार गांव निवासी दीपक पाण्डेय (30) और ठठिया, रूरा निवासी अंकित कमल (28) के रूप में हुई। दोनों सोमवार रात करीब 8 से 9 बजे के बीच कार से बचऊपुर गांव से भौतीखेड़ा की तरफ जा रहे थे। जिस सड़क से वे गुजर रहे थे, वह पांडु नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण बाढ़ के पानी में डूबी हुई थी। दोनों ने पानी के बीच से कार निकालने की कोशिश की, लेकिन तेज बहाव में कार अपना नियंत्रण खो बैठी और पानी में बह गई। हादसे के बाद दोनों घर नहीं पहुंचे तो परिवार ने तलाश शुरू की। मोबाइल बंद मिलने के बाद मंगलवार को सचेंडी थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। पुलिस ने CCTV फुटेज खंगाली तो दोनों कार से जाते दिखाई दिए, लेकिन वापस लौटते नजर नहीं आए। इसके बाद नहर और आसपास के जलभराव वाले इलाकों में तलाश तेज की गई।


रातभर परिवार करता रहा इंतजार, सुबह से शुरू हुई तलाश

परिजनों के मुताबिक, दोनों युवक सोमवार रात घर से निकले थे, लेकिन उन्होंने परिवार को यह नहीं बताया था कि वे कहां जा रहे हैं। देर रात तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने दोनों को फोन किया, लेकिन मोबाइल बंद मिले। पहले रिश्तेदारों और परिचितों के यहां पता किया गया। जब कहीं से कोई जानकारी नहीं मिली तो परिवार की चिंता बढ़ गई। मंगलवार को परिजन सचेंडी थाने पहुंचे और दोनों की गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने तलाश के लिए टीमें लगाईं और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। फुटेज में दोनों युवक कार से जाते दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस ने उनके संभावित रास्ते और पांडु नदी के आसपास के इलाकों में खोजबीन शुरू की। इसी दौरान बचऊपुर गांव के पास पांडु नहर में कार के फंसे होने की जानकारी मिली। पुलिस मौके पर पहुंची और कार को बाहर निकलवाया, लेकिन दोनों युवक कार में नहीं थे। कार मिलने के बाद परिजनों की बेचैनी और बढ़ गई। उन्हें आशंका हुई कि दोनों पानी के तेज बहाव में कहीं बह गए हैं। बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन नहर किनारे जमा हो गए और दोनों की तलाश शुरू कराने की मांग करने लगे।



नहर किनारे जुटी भीड़, गोताखोरों ने संभाला मोर्चा

कार बरामद होने के बाद पुलिस और प्रशासन ने नहर में सर्च ऑपरेशन तेज कराया। मौके पर एसीपी पनकी अमित चौरसिया, सचेंडी थाना प्रभारी दीनानाथ मिश्रा, एसडीएम अभिनव सिंह और तहसील स्तर के अधिकारी पहुंचे। गोताखोरों की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। बाढ़ के पानी का तेज बहाव और नहर में पानी की गहराई रेस्क्यू टीम के लिए चुनौती बनी रही। इसके बावजूद गोताखोर लगातार पानी के अंदर संभावित स्थानों पर तलाश करते रहे। परिजन नहर किनारे खड़े होकर अपने बेटों के सकुशल मिलने की उम्मीद लगाए रहे। काफी देर तक कोई सुराग नहीं मिलने पर मौके पर तनाव की स्थिति भी बन गई। अधिकारियों ने परिजनों को समझाकर शांत कराया और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रखा। पुलिस की टीमें आसपास के रास्तों और CCTV फुटेज के जरिए यह भी पता लगाने में जुटी रहीं कि हादसे के समय कार किस स्थान से पानी में बही थी और दोनों युवक किस दिशा में गए।



कार से 200 मीटर दूर मिले दोनों शव, मचा कोहराम

करीब 24 घंटे की तलाश के बाद मंगलवार को सर्च ऑपरेशन में बड़ी सफलता मिली। गोताखोरों ने कार से करीब 200 मीटर दूर दोनों युवकों के शव बरामद कर लिए। शव बाहर आते ही नहर किनारे मौजूद परिजनों में चीख-पुकार मच गई। जिस परिवार को सुबह से अपने बेटे और भाई के सकुशल मिलने की उम्मीद थी, उसके सामने शाम तक दोनों के शव थे। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इसके बाद क्रेन की मदद से कार को भी पानी से बाहर निकाला गया। पुलिस अब हादसे की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है। जांच का मुख्य बिंदु यह है कि बाढ़ के पानी में कार किस जगह से बहना शुरू हुई और दोनों युवक कार से बाहर निकलने के बाद करीब 200 मीटर दूर तक कैसे पहुंचे। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि हादसे से पहले और बाद की गतिविधियों की जानकारी मिल सके।


दीपक के परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, एक साल की बेटी को देखकर रो पड़े परिजन

दीपक पाण्डेय निजी कंपनी में काम करते थे। परिवार में पिता राकेश पाण्डेय, पत्नी सृष्टि और एक साल की बेटी प्रियांशी है। परिजनों के मुताबिक, दीपक सोमवार रात किसी काम से जाने की बात कहकर घर से निकले थे। परिवार को क्या पता था कि यह उनकी आखिरी विदाई होगी। पत्नी ने कई बार फोन किया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। रातभर परिवार उनके लौटने का इंतजार करता रहा। मंगलवार को गुमशुदगी दर्ज कराने के बाद भी परिजनों को उम्मीद थी कि दोनों दोस्त किसी तरह सुरक्षित वापस लौट आएंगे। लेकिन नहर से शव मिलने की खबर ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया। दीपक का शव देखकर पिता राकेश पाण्डेय का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। उन्होंने कहा, “बेटे के साथ हमारे सारे सपने भी चूर हो गए।” दीपक की एक साल की बेटी प्रियांशी को देखकर परिवार के लोगों की आंखें भर आईं। दूसरी ओर अंकित के परिवार में भी मातम पसरा रहा।


 


बाढ़ में डूबी सड़क से गुजरना पड़ा भारी, पुलिस जांच में जुटी

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों युवक बाढ़ के पानी में डूबी सड़क से कार लेकर गुजर रहे थे और इसी दौरान तेज बहाव में कार बह गई। पांडु नदी का जलस्तर बढ़ने से क्षेत्र में पहले से ही बाढ़ और जलभराव की स्थिति बनी हुई थी। पुलिस और प्रशासन अब यह भी जांच कर रहा है कि जिस रास्ते से दोनों युवक गुजर रहे थे, वहां पानी की स्थिति कितनी गंभीर थी और क्या उस रास्ते पर आवागमन को लेकर कोई चेतावनी दी गई थी। एसडीएम अभिनव सिंह ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद दोनों युवकों के शव बरामद कर लिए गए हैं और आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, CCTV फुटेज और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल एक ही सवाल दोनों परिवारों को झकझोर रहा है, जिस रास्ते से दोनों दोस्त कुछ घंटों के लिए निकले थे, उसी बाढ़ के पानी ने उनकी जिंदगी हमेशा के लिए छीन ली।


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