कानपुर। भारत रत्न और देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि के अवसर पर कानपुर के सिविल लाइंस स्थित मर्चेंट्स चेंबर हॉल में ‘सदैव अटल-संकल्प एवं सम्मान दिवस’ समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अटल जी के व्यक्तित्व, उनके राजनीतिक जीवन, राष्ट्रसेवा और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को याद किया गया। समारोह में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने हिस्सा लेकर पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम का आयोजन अवध स्मृति संस्थान के अध्यक्ष प्रवीण कुमार शुक्ल की ओर से किया गया। समारोह में उत्तर प्रदेश सरकार के आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इसके अलावा कानपुर सांसद रमेश अवस्थी, विधायक नीलिमा कटियार, एमएलसी सलिल बिश्नोई, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष देवेश कोरी समेत पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
अटल जी के योगदान को किया याद
समारोह के दौरान वक्ताओं ने अटल बिहारी वाजपेयी के सार्वजनिक जीवन और देश के प्रति उनके योगदान पर चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि अटल जी ने राजनीति में रहते हुए अपने विचारों, भाषणों और कार्यशैली से अलग पहचान बनाई। उनके लिए राष्ट्रहित, लोकतांत्रिक परंपराएं और सुशासन हमेशा महत्वपूर्ण रहे। अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए वक्ताओं ने कहा कि उनका राजनीतिक जीवन केवल सत्ता और राजनीति तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने समाज और राष्ट्र के व्यापक हितों को प्राथमिकता दी। उनकी सरल भाषा, प्रभावशाली वक्तृत्व शैली और लोकतांत्रिक सोच आज भी लोगों को प्रेरणा देती है।
सामाजिक क्षेत्र में योगदान देने वालों का सम्मान
कार्यक्रम में समाज और सार्वजनिक जीवन में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित भी किया गया। आयोजकों के मुताबिक, समाज के लिए सकारात्मक काम करने वाले लोगों को सम्मानित करना समारोह का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। उनका कहना था कि सेवा, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्रहित से जुड़े कार्यों को प्रोत्साहित करना अटल जी के विचारों को आगे बढ़ाने का एक प्रयास है। समारोह के दौरान उपस्थित लोगों ने अटल बिहारी वाजपेयी के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें नमन किया। वक्ताओं ने कहा कि अटल जी की विचारधारा और राष्ट्र निर्माण को लेकर उनकी सोच आने वाली पीढ़ियों के लिए भी मार्गदर्शक बनी रहेगी।
राष्ट्र निर्माण का लिया संकल्प
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित लोगों ने राष्ट्रहित, सुशासन, सामाजिक सेवा और जनकल्याण के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया। आयोजकों ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृतियों को केवल कार्यक्रमों तक सीमित रखने के बजाय उनके आदर्शों को व्यवहार और सामाजिक कार्यों में उतारना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। कानपुर में आयोजित यह समारोह अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के साथ-साथ उनके विचारों और राष्ट्रसेवा की भावना को याद करने का अवसर बना। समारोह में मौजूद जनप्रतिनिधियों, भाजपा पदाधिकारियों और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने अटल जी के आदर्शों को आगे बढ़ाने की बात कही।






