TERE MERE SAPNE : विवाह के बाद छोटी छोटी असहमतियां संवाद की कमी के कारण गंभीर पारिवारिक विवाद का रूप न लें, इसके लिए अब भावी दंपतियों को शादी से पहले ही वैवाहिक जीवन की जिम्मेदारियों, चुनौतियों और आपसी सामंजस्य की समझ दी जाएगी। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने सोमवार को गोल चौराहे के निकट स्थित वन स्टॉप सेंटर में राष्ट्रीय महिला आयोग की पहल पर स्थापित ‘तेरे मेरे सपने’ प्री-मैरिटल कम्युनिकेशन सेंटर का शुभारंभ किया।
इस केंद्र का उद्देश्य उन युवक-युवतियों को विवाह से पहले परामर्श उपलब्ध कराना है, जिनका विवाह तय हो चुका है या जो निकट भविष्य में विवाह करने जा रहे हैं। काउंसलिंग के माध्यम से भावी युगलों को यह समझने में मदद दी जाएगी कि वैवाहिक जीवन में आने वाली संभावित परिस्थितियों और मतभेदों का सामना संवाद, विश्वास और आपसी समझ के साथ किस प्रकार किया जा सकता है।
हाल के वर्षों में विवाह के शुरुआती दौर में ही पति-पत्नी के बीच मतभेद, तनाव और अलगाव के मामले सामने आ रहे हैं। कई बार एक-दूसरे से अलग अपेक्षाएं, संवाद की कमी, आर्थिक मामलों में असहमति और पारिवारिक परिस्थितियों को सही ढंग से न समझ पाना छोटी समस्या को बड़े विवाद में बदल देता है। ऐसे में विवाह से पहले ही भावी दंपतियों के बीच सकारात्मक और स्पष्ट संवाद स्थापित करना मजबूत वैवाहिक जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
15 हजार से अधिक पारिवारिक वाद विचाराधीन
जनपद में बढ़ते पारिवारिक विवाद भी विवाह पूर्व परामर्श की जरूरत को रेखांकित करते हैं। जिले की फैमिली कोर्टों में वर्तमान में 15 हजार से अधिक पारिवारिक वाद विचाराधीन हैं। इनमें अधिकांश मामले वैवाहिक विवाद और तलाक से संबंधित बताए गए हैं। ऐसे में ‘तेरे मेरे सपने’ केंद्र के माध्यम से विवाह से पहले ही युवक-युवतियों को वैवाहिक जीवन की वास्तविक जिम्मेदारियों और संभावित चुनौतियों से परिचित कराने का प्रयास किया जाएगा।
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि विवाह जीवन का महत्वपूर्ण निर्णय है और सफल वैवाहिक जीवन के लिए पति-पत्नी के बीच आपसी संवाद, विश्वास, सम्मान तथा जिम्मेदारियों की स्पष्ट समझ बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कई बार छोटी-छोटी असहमतियां समय पर बातचीत और उचित मार्गदर्शन के अभाव में गंभीर विवाद का रूप ले लेती हैं। राष्ट्रीय महिला आयोग की ‘तेरे मेरे सपने’ पहल भावी युगलों को विवाह से पहले बेहतर संवाद और सामंजस्य की समझ देने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है।
सोमवार और शुक्रवार को मिलेगा निःशुल्क परामर्श
‘तेरे मेरे सपने’ केंद्र पर प्रत्येक सोमवार और शुक्रवार को दिनभर पूरी तरह निःशुल्क काउंसलिंग की सुविधा उपलब्ध रहेगी। वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी बंदना द्विवेदी और एडवोकेट दिशा अरोड़ा भावी युगलों को परामर्श देंगी। काउंसलिंग के दौरान साझा की जाने वाली व्यक्तिगत जानकारी को पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा। संबंधित युगलों की निजता और व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाएगा। केंद्र पर काउंसलिंग का उद्देश्य किसी रिश्ते को लेकर निर्णय सुनाना या किसी पक्ष को सही-गलत ठहराना नहीं है। इसका मकसद भावी दंपतियों को समझदारी, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ वैवाहिक जीवन की शुरुआत करने के लिए तैयार करना है। विशेषज्ञ उन्हें यह समझने में मदद करेंगे कि विवाह के बाद बदलती परिस्थितियों, भूमिकाओं और जिम्मेदारियों के बीच आपसी तालमेल कैसे बनाए रखा जाए।
इन विषयों पर मिलेगा मार्गदर्शन
केंद्र में भावी युगलों को आपसी संवाद, परस्पर सम्मान, भावनात्मक समझ, आर्थिक नियोजन, परिवार के प्रति जिम्मेदारियां, विवाह के बाद बदलती भूमिकाएं, एक-दूसरे की अपेक्षाएं, मतभेदों के स्वस्थ समाधान तथा वैवाहिक अधिकारों एवं दायित्वों से जुड़े विषयों पर मार्गदर्शन दिया जाएगा। काउंसलिंग के दौरान यह भी बताया जाएगा कि पति-पत्नी के बीच असहमति होने पर बातचीत का रास्ता किस तरह बनाए रखा जाए। छोटी समस्याओं को समय रहते समझकर उनका समाधान कैसे निकाला जाए और किन परिस्थितियों में विशेषज्ञ सहायता लेना उपयोगी हो सकता है, इसकी भी जानकारी दी जाएगी।
राष्ट्रीय महिला आयोग की यह पहल पारिवारिक विवाद उत्पन्न होने के बाद समाधान तलाशने की बजाय विवाह से पहले ही संवाद, सामंजस्य और जिम्मेदारियों की समझ विकसित करने पर केंद्रित है। इससे भावी दंपतियों को वैवाहिक जीवन की व्यावहारिक चुनौतियों के लिए मानसिक रूप से तैयार करने और रिश्ते में अनावश्यक तनाव की संभावनाओं को कम करने में मदद मिल सकती है। केंद्र के शुभारंभ के अवसर पर जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास कुमार सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने बताया कि इच्छुक भावी युगल वन स्टॉप सेंटर पहुंचकर निर्धारित दिनों में इस निःशुल्क परामर्श सुविधा का लाभ ले सकते हैं।







