रिपोर्ट : रोहित निगम : विशेष संवाददाता

हैदराबाद में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल, डीजल और गैस का सोच-समझकर इस्तेमाल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों, खासकर पश्चिम एशिया में जारी जंगी संकट को देखते हुए पेट्रोलियम उत्पादों का संयमित उपयोग समय की आवश्यकता बन गया है। प्रधानमंत्री ने साफ कहा कि अगर आम जनता ईंधन की खपत में सावधानी बरतेगी, तो इससे देश को न सिर्फ ऊर्जा संकट से निपटने में मदद मिलेगी, बल्कि विदेशी मुद्रा की बचत भी होगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने तेलंगाना में लगभग 9,400 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का डिजिटल माध्यम से शिलान्यास और उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने देश की ऊर्जा नीति, स्वच्छ ईंधन और किफायती आपूर्ति को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं पर भी विस्तार से बात की। पीएम ने कहा कि भारत ने पिछले कुछ वर्षों में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और अब वह दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल हो गया है। उन्होंने पेट्रोल में एथनॉल मिश्रण के क्षेत्र में हुई प्रगति को भी देश के लिए बड़ी उपलब्धि बताया।

पीएम मोदी ने कहा कि सरकार का ध्यान अब केवल एलपीजी कनेक्शन देने तक सीमित नहीं है, बल्कि पाइपलाइन के जरिए सस्ती और आसान गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने पर भी है। साथ ही सीएनजी के उपयोग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि देश धीरे-धीरे स्वच्छ और अधिक टिकाऊ ऊर्जा विकल्पों की ओर बढ़ सके। उन्होंने कहा कि इन सभी कदमों से भारत न केवल अपनी ऊर्जा जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा कर रहा है, बल्कि वैश्विक ऊर्जा संकट का प्रभावी मुकाबला भी कर रहा है।

कार्यक्रम के दौरान तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि विकास कार्यों में राजनीति नहीं होनी चाहिए। इसके जवाब में प्रधानमंत्री ने भी कहा कि वे राजनीति पर बात नहीं करेंगे। उन्होंने रेवंत रेड्डी की ओर इशारा करते हुए कहा कि वह केंद्र से उतना ही सहयोग देने को तैयार हैं, जितना पहले गुजरात को 10 साल में मिला था। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि राज्यों का विकास देश के विकास से अलग नहीं है और एक मजबूत लोकतंत्र में अलग-अलग दलों की सरकारें होना कोई समस्या नहीं, बल्कि व्यवस्था का हिस्सा है।

मोदी ने अंत में यह संदेश दिया कि जब राज्य और केंद्र मिलकर काम करेंगे, तभी विकास की रफ्तार तेज होगी और देश हर चुनौती का सामना मजबूती से कर पाएगा। उनके अनुसार, ऊर्जा की बचत, स्वच्छ ईंधन का बढ़ता उपयोग और सामूहिक विकास की सोच ही भारत को आगे ले जाएगी।


 

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